पिता ने बेटी की गला दबाकर की हत्या, पुलिस को गुमराह करने के लिए रची कहानी
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में दो दिन पहले हुई युवती के मौत में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक युवती की मौत नहीं बल्कि हत्या हुई थी। युवती की हत्या करने वाला कोई और नहीं उसका पिता था।
आजमगढ़ के तहबरपुर थाने के सिकंदरपुर गांव के निवासी दयाराम यादव की पांच बेटियां थी। दयाराम के तीसरे नंबर की बेटी ज्योती यादव की मौत 13 मार्च को हो गई थी। पुलिस ने बताया कि ज्योति की हत्या करके उसे दुर्घटना की शक्ल में तब्दील कर दिया गया था।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पिता ने बताया कि उसकी बेटी ज्योति गांव के ही एक दिव्यांग युवक अरूण यादव से प्रेम करती थी। 2016 में ज्योति अरुण के साथ घर से भाग गई थी। इसके बाद परिजन उसे पकड़ कर घर वापस ले आए। साथ ही अरूण यादव पर अपहरण के मामले में केस दर्ज हुआ। इसके बाद भी ज्योति अरुण से शादी करना चाहती थी। लेकिन परिवार के लोग शादी करने को तैयार नहीं थे।
जिसे लेकर उसका घरवालों से अक्सर झगड़ा होता रहता था। बुधवार को पिता दयाराम ने ज्योति से कहा कि हम तुम्हारी शादी अरुण से कर भी दें लेकिन मामला गांव का होने के कारण ऐसा संभव नहीं है। इस पर ज्योति ने पिता से कहा कि उसे अपनी जायदाद की छह बीघा जमीन दे दें। इसके बाद वो गांव छोड़ कर अरुण के साथ दूर चली जाएगी। इस पर दयाराम ने इंकार कर दिया।
बेटी ने पिता से की थी हाथापाई
दयाराम ने कहा कि अभी चार बेटियों की शादी करनी है ऐसा नहीं कर सकते। इसके बाद गुस्से में ज्योति ने पिता पर खुरपी से हमला कर दिया। गुस्साए पिता ने बचाव करने के लिए बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद दयाराम ने ज्योति की लाश को बोरे में भरकर छत से फेंक दिया। इसके बाद दुर्घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी पिता पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर के उसका चालान कर दिया गया है।
हत्या को दी दुर्घटना की शक्ल
एक मंजिला छत से गिरने की वजह से वो गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे आनन फानन में इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए जहां ज्योति ने दम तोड़ दिया। इस तरह से पिता ने मनगढ़ंत कहानी बना कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी।