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भीम आर्मी के अचानक आ धमकने के बाद प्रशासन सतर्क, हर एक पर रखी जा रही नजर

Wed, 24 Jul 2019 10:01 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 24 Jul 2019 10:01 PM IST
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police administration alert after Bhim Army sudden arrival in ghorawal sonbhadra
मंगलवार को पीड़ितों से मिलते भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद - फोटो : अमर उजाला

जमीन के टुकड़े को लेकर हुए खूनी संघर्ष और उसमें 10 की मौत के बाद उभ्भा गांव में सियासी दल पहुंचने लगे हैं। पहले कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी जाने वाली थीं, जिन्हें मिर्जापुर में ही रोक दिया गया था। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे थे।

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मंगलवार को अखिल भारतीय बनवासी हित रक्षा प्रमुख कुबेर, सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, शाम को भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने गांव पहुंचकर पीड़ितों को सांत्वना दी। बुधवार को स्वराज अभियान के साथ ही विभिन्न संगठनों के लोग पहुंचे।
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अन्य दलों के साथ भीम आर्मी की एंट्री ने पुलिस और प्रशासन दोनों के माथे पर शिकन ला दी है। एक तरफ जहां सभी दल घटना के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमले की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने ग्रामीणों को आत्मरक्षा के लिए हथियार का लाइसेंस दिए जाने की मांग कर एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया है।
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ग्रामीण भी लगातार नेताओं के आगमन को लेकर मुखर हैं। मंगलवार को अचानक भीम आर्मी नेताओं का आगमन ग्रामीणों के साथ प्रशासन को भी चौंकाने वाला रहा। इसको देखते हुए बुधवार को पुलिस और प्रशासन सतर्क रहा। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। कई अजनबी चेहरों को रोककर पूछताछ की गई।

डीएम अंकित कुमार अग्रवाल और एसपी सलमान ताज पाटिल मातहतों से समय-समय पर स्थिति की जानकारी लेते रहे। बता दें कि खूनी संघर्ष के बाद से ही उभ्भा में पुलिस की तैनाती है। आने-जाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।

स्वराज अभियान की टीम पीड़ितों से मिली :
स्वराज इंडिया के राज्य समिति सदस्य राजेश सचान की अगुवाई में गई टीम के सदस्यों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना के बारे में जानकारी ली। टीम के सदस्यों ने कहा कि यदि प्रशासन सचेत होता और सीएम ने जन सुनवाई में दर्ज कराई गई शिकायत पर ध्यान दिया होता तो इस घटना से बचा जा सकता था। ग्रामीण चाहते हैं कि सरकार मुआवजा देने के साथ उभ्भा में फर्जी ट्रस्ट के जरिए ली गई जमीन अधिग्रहीत कर आजादी पूर्व से बसे लोगों को पट्टा दिया जाए।

इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। सीएम के दौरे के दौरान इसकी घोषणा ना होने पर नाराजगी जताई। टीम में शामिल स्वराज अभियान के जिला संयोजक कांता कोल, सेवालाल कोल, मनोज भारती, श्रीकांत सिंह ने उभ्भा कांड की न्यायिक जांच कराने, भूमि आयोग का गठन करने, वनाधिकार कानून को लागू करने की मांग की। बताया कि 25 जुलाई को डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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