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सारनाथ में बवाल, दो घंटे तक पथराव, फायरिंग
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 14 Jan 2016 01:46 AM IST
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सार्वजनिक कुआं पर कब्जे की शिकायत को लेकर बुधवार की रात सारनाथ के खालिसपुर चौराहा पर जमकर उपद्रव हुआ। गुस्साए लोगों ने बीचबचाव को पहुंची पुलिस टीम पर जमकर पथराव किया और चौराहे की बिजली आपूर्ति का कनेक्शन काट दिए।
इसके चलते अंधेरे का लाभ उठाकर दो घंटे तक गांव के लोगोें ने गुरिल्ला पद्धति में खूब ईंट और पत्थर पुलिस के ऊपर चलाए। उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। फिर भी मामला शांत नहीं हुआ तो रबर की गोलियां दागनी पड़ीं।
घटना में सारनाथ, कैंट और शिवपुर थाना प्रभारी समेत 11 पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। पुलिस ने उपद्रव के आरोप में पूर्व प्रधान समेत 13 लोगों को हिरासत में लिया है। उधर, इंस्पेक्टर सारनाथ की तहरीर पर गांव की राजभर बस्ती के 50 नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सारनाथ थाना क्षेत्र के खालिसपुर चौराहे पर विनोद पाठक की जमीन है। यहीं उन्होंने कटरा बनवा रखा है। विनोद के कटरा के समीप ही एक पुराना सार्वजनिक कुआं है। कुआं से सटी खुद की जमीन में मौजूद मकान पर वे बीते तीन दिन से शटर लगवा रहे थे। इस पर आपत्ति जताते हुए राजभर बस्ती के लोगों ने बुधवार की सुबह विनोद से बातचीत की। मामला सारनाथ थाने पहुंचा और तय हुआ कि एसडीएम की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश कराकर विवाद का निबटारा करा दिया जाएगा।
इसके बाद अचानक शाम के समय शराब के नशे में धुत होकर राजभर बस्ती के 10 से ज्यादा की संख्या में लोग कुआं के पास पहुंचे और उस पर कब्जा करने की कोशिश करने लगे। इसे लेकर विनोद ने आपत्ति जताई तो उन लोगों ने गालीगलौज कर मामले को तूल देने की कोशिश की। इसी के कुछ देर बाद विनोद के कटरे पर पथराव शुरू हो गया। विनोद ने मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
थोड़ी ही देर में सारनाथ पुलिस मौके पर पहुंची तो राजभर बस्ती के लोगों ने पुलिस टीम पर भी पथराव शुरू कर दिया। मामले की सूचना एसएसपी को मिलने पर उन्होंने आसपास के अन्य सभी थानों की फोर्स, क्यूआरटी और दंगा नियंत्रण वाहन को मौके पर भेजा। लगभग दो घंटे तक राजभर बस्ती के लोगों ने पुलिस पर पथराव किया। जिसके बाद पुलिस ने लगातार हवाई फायरिंग और रबर की बुलेट दागकर साढ़े आठ बजे तक उपद्रवियों की भीड़ खदेड़ने में कामयाबी पाई। रात नौ बजे के आसपास पुलिस ने उपद्रवियों पर पूरी तरह से काबू पा लिया।
पथराव में सारनाथ इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह, कैंट इंस्पेक्टर रतन सिंह यादव, शिवपुर एसओ, एक दरोगा और सात सिपाही सहित 11 पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। वहीं, उपद्रव करने के आरोप में पूर्व प्रधान लालबहादुर राजभर सहित 13 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उधर, एसएसपी आकाश कुलहरि ने मौका मुआयना कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश इंस्पेक्टर सारनाथ को दिया है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस, पीएसी और क्यूआरटी तैनात की गई है।
ग्रामीण आए दहशत में, बंद कर लिए दरवाजे
राजभर बस्ती के लोगों की ओर से पथराव होते ही खालिसपुर गांव के लोग दहशत में आ गए। डरे सहमे सभी लोग अपने घरों में दुबक गए और घर के दरवाजे बंद कर लिये। हालात सामान्य होने के बाद भी कोई अपने घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर सका। हवाई फायरिंग सुन कर लोगों को यह प्रतीत हुआ कि पुलिस किसी अपराधी का इनकाउंटर कर रही है। थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल पर सुनाई दे रही गोलियों की आवाज सभी को भयभीत कर दे रही थी।
सलारपुर में ही रोक दिया पुलिस ने रास्ता, बंद हुई दूकानेें
खालिसपुर चौराहा पर पथराव और उपद्रव होता देख पुलिस ने काफी पहले सलारपुर में ही ट्रैफिक रोक दिया। इस दौरान दिनभर शहर में काम कर वापस लौट रहे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा और सभी खालिसपुर के लोगों के कोसते हुए अपने घरों के लिए निकले। वहीं, गोलियों की आवाज सुनकर इलाके की सारी दूकानें धड़धड़ा कर बंद हो गईं।
सुबह थाने पर पंचायत, शाम को बवाल
सार्वजनिक जमीन पर कब्जे की शिकायत को लेकर सुबह सारनाथ थाने पर पंचायत हुई थी। दोनों पक्षों की शिकायत सुनने के बाद तय हुआ था कि एसडीएम की मौजूदगी में विवादित जमीन की पैमाइश होगी। मगर शाम होते होते राजभर बस्ती के कुछ लोग विनोद पाठक के कटरे पर जुटे और पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते बवाल इतना बढ़ गया कि पुलिस को हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी।
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इसके चलते अंधेरे का लाभ उठाकर दो घंटे तक गांव के लोगोें ने गुरिल्ला पद्धति में खूब ईंट और पत्थर पुलिस के ऊपर चलाए। उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। फिर भी मामला शांत नहीं हुआ तो रबर की गोलियां दागनी पड़ीं।
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घटना में सारनाथ, कैंट और शिवपुर थाना प्रभारी समेत 11 पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। पुलिस ने उपद्रव के आरोप में पूर्व प्रधान समेत 13 लोगों को हिरासत में लिया है। उधर, इंस्पेक्टर सारनाथ की तहरीर पर गांव की राजभर बस्ती के 50 नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सारनाथ थाना क्षेत्र के खालिसपुर चौराहे पर विनोद पाठक की जमीन है। यहीं उन्होंने कटरा बनवा रखा है। विनोद के कटरा के समीप ही एक पुराना सार्वजनिक कुआं है। कुआं से सटी खुद की जमीन में मौजूद मकान पर वे बीते तीन दिन से शटर लगवा रहे थे। इस पर आपत्ति जताते हुए राजभर बस्ती के लोगों ने बुधवार की सुबह विनोद से बातचीत की। मामला सारनाथ थाने पहुंचा और तय हुआ कि एसडीएम की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश कराकर विवाद का निबटारा करा दिया जाएगा।
इसके बाद अचानक शाम के समय शराब के नशे में धुत होकर राजभर बस्ती के 10 से ज्यादा की संख्या में लोग कुआं के पास पहुंचे और उस पर कब्जा करने की कोशिश करने लगे। इसे लेकर विनोद ने आपत्ति जताई तो उन लोगों ने गालीगलौज कर मामले को तूल देने की कोशिश की। इसी के कुछ देर बाद विनोद के कटरे पर पथराव शुरू हो गया। विनोद ने मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
थोड़ी ही देर में सारनाथ पुलिस मौके पर पहुंची तो राजभर बस्ती के लोगों ने पुलिस टीम पर भी पथराव शुरू कर दिया। मामले की सूचना एसएसपी को मिलने पर उन्होंने आसपास के अन्य सभी थानों की फोर्स, क्यूआरटी और दंगा नियंत्रण वाहन को मौके पर भेजा। लगभग दो घंटे तक राजभर बस्ती के लोगों ने पुलिस पर पथराव किया। जिसके बाद पुलिस ने लगातार हवाई फायरिंग और रबर की बुलेट दागकर साढ़े आठ बजे तक उपद्रवियों की भीड़ खदेड़ने में कामयाबी पाई। रात नौ बजे के आसपास पुलिस ने उपद्रवियों पर पूरी तरह से काबू पा लिया।
पथराव में सारनाथ इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह, कैंट इंस्पेक्टर रतन सिंह यादव, शिवपुर एसओ, एक दरोगा और सात सिपाही सहित 11 पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। वहीं, उपद्रव करने के आरोप में पूर्व प्रधान लालबहादुर राजभर सहित 13 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उधर, एसएसपी आकाश कुलहरि ने मौका मुआयना कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश इंस्पेक्टर सारनाथ को दिया है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस, पीएसी और क्यूआरटी तैनात की गई है।
ग्रामीण आए दहशत में, बंद कर लिए दरवाजे
राजभर बस्ती के लोगों की ओर से पथराव होते ही खालिसपुर गांव के लोग दहशत में आ गए। डरे सहमे सभी लोग अपने घरों में दुबक गए और घर के दरवाजे बंद कर लिये। हालात सामान्य होने के बाद भी कोई अपने घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर सका। हवाई फायरिंग सुन कर लोगों को यह प्रतीत हुआ कि पुलिस किसी अपराधी का इनकाउंटर कर रही है। थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल पर सुनाई दे रही गोलियों की आवाज सभी को भयभीत कर दे रही थी।
सलारपुर में ही रोक दिया पुलिस ने रास्ता, बंद हुई दूकानेें
खालिसपुर चौराहा पर पथराव और उपद्रव होता देख पुलिस ने काफी पहले सलारपुर में ही ट्रैफिक रोक दिया। इस दौरान दिनभर शहर में काम कर वापस लौट रहे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा और सभी खालिसपुर के लोगों के कोसते हुए अपने घरों के लिए निकले। वहीं, गोलियों की आवाज सुनकर इलाके की सारी दूकानें धड़धड़ा कर बंद हो गईं।
सुबह थाने पर पंचायत, शाम को बवाल
सार्वजनिक जमीन पर कब्जे की शिकायत को लेकर सुबह सारनाथ थाने पर पंचायत हुई थी। दोनों पक्षों की शिकायत सुनने के बाद तय हुआ था कि एसडीएम की मौजूदगी में विवादित जमीन की पैमाइश होगी। मगर शाम होते होते राजभर बस्ती के कुछ लोग विनोद पाठक के कटरे पर जुटे और पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते बवाल इतना बढ़ गया कि पुलिस को हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी।