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एक-एक कर 18 विस्फोट से लल्लापुरा थर्राया

Thu, 16 Jun 2016 02:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 16 Jun 2016 02:46 AM IST
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One by one from 18 explosion Lllapura Thrraya
एलपीजी सिलेंडर विस्फोट के बाद आग बुझाते दमकल कर्मचारी।
सिगरा का लल्लापुरा इलाका बुधवार दोपहर एलपीजी सिलेंडरों के विस्फोट से थर्रा उठा। एक-एक कर हुए 18 धमाकों से अफरा-तफरी मच गई। लल्लापुरा पुलिस चौकी से चंद कदम दूर स्थित ईशा खान की दूकान में गैस की अवैध रीफिलिंग के दौरान ये धमाके हुए। धमाकों की चपेट में आकर चौकी प्रभारी और उनके साथी कांस्टेबल सहित 11 लोग झुलस गए। घटना में बचाव कार्य के दौरान नागरिक सुरक्षा संगठन के सदस्य भी झुलस गए। धमाकों से ईशा की दूकान में धधकी आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड की आठ गाडि़योें को दो घंटे लग गए। धमाके इतने तेज थे कि ईशा के अगल-बगल की दूकानों की खिड़कियां, दरवाजे और छतों में दरार आ गई। हादसे के बाद से ईशा फरार है। सिगरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर ईशा की तलाश तेज कर दी है। हादसे के बाद आसपास का पूरा इलाका पुलिस ने एहतियातन खाली करा लिया था। 
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लल्लापुरा इलाके के कोनाद्वार मुहल्ले में दालमंडी निवासी ईशा खान की स्टोव, कुकर और गैस चूल्हा मरम्मत की दूकान है। इसकी आड़ में ईशा बड़े घरेलू गैस सिलेंडर से छोटे गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग का काम करता था। बुधवार को पौने ग्यारह बजे के लगभग ईशा की दूकान में तेज धमाका हुआ। इससे आसपास खड़े लोगों में भगदड़ मच गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक दूसरा धमाका हो गया। जानकारी मिलते ही लल्लापुरा पुलिस चौकी प्रभारी अमरेंद्र पांडेय और कांस्टेबल उमाशंकर दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और दूकान में घुस गए। तब तक एक और धमाका हो गया, जिसमें दोनों झुलस गए।

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बावजूद इसके चौकी इंचार्ज ने बहादुरी दिखाते हुए दूकान में मौजूद दो लोगों को बाहर निकाल लिया। सूचना पाकर करीब ग्यारह बजे फायर ब्रिगेड की आठ गाडि़यां मौके पर पहुंच गईं। इस दौरान भी दूकान में एक-एक कर सिलेंडर फटते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो 10-15 मिनट के अंतराल पर उन्हें 18 धमाके सुनाई पड़े। चेतगंज के डिवीजनल वार्डेन सतीश श्रीवास्तव की देखरेख में सबसे पहले सदस्य पहुंचे। उन्होंने बचाव कार्य शुरू करने के साथ ही पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी थी। 

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फायर ब्रिगेड ने दो घंटे की मशक्कत के बाद करीब एक बजे आग पर काबू पाया। धमाके की चपेट में आकर घायल होने वालों में डॉ. महबूब, रतन नेपाली, शफीक जलाल, मो. यासीन, इदरीश अंसारी, अब्दुल हमीद, विनोद चौरसिया, कल्लू और मनोज कुमार को आनन-फानन उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल भेजा गया। चौकी इंचार्ज और सिपाही ने एक निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया। 


जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस को पता चला कि ईशा के सामने महेंद्र की गैस कटर की दूकान में भी अवैध रीफिलिंग का धंधा होता है। पुलिस के मौके पर पहुंचने तक महेंद्र दूकान बंद कर फरार हो गया। उसकी दूकान का शटर काटकर पुलिस ने पांच बड़े और 10 छोटे सिलेंडर बरामद किए। चेतगंज क्षेत्राधिकारी एएसपी अनुराग आर्या ने बताया कि ईशा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी का निर्देश सिगरा थानाध्यक्ष को दिया गया है। महेंद्र को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

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