यादें 2016: भगदड़-उपद्रव ने वाराणसी को दहलाया
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राजघाट पुल पर 15 अक्तूबर को जय गुरुदेव के उत्तराधिकरी पंकज बाबा की जनजागरण यात्रा के दौरान मची भगदड़ में 25 लोगों और पितरकुंडा में धमाके में छह लोगों की मौत को काशीवासी जल्दी नहीं भूल पाएंगे।
वहीं, भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की चांदी की पांच शहनाइयां, इनामी तश्तरी और सोने के कंगन उनके बेटे के चहमामा स्थित आवास से चार दिसंबर की रात चोरी हो गए।
इससे पहले दो अप्रैल को जिला कारागार के बंदियों ने जेल अधीक्षक को बंधक बनाकर साढ़े सात घंटे तक उपद्रव किया। इस दौरान जेल परिसर में बंदियों और पुलिस के बीच जमकर मारपीट, पथराव और फायरिंग हुई थी। 24 अप्रैल को दीवानी कचहरी परिसर में हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ। वह हैंड ग्रेनेड कहां से आया, न यह पता चल सका और न कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मुकम्मल की जा सकी।
25 अक्तूबर को पितरकुंडा तिराहा के समीप हबीबपुरा स्थित एक मकान अवैध तरीके से पटाखे बनाने के दौरान आग लगने से हुए तीन धमाकों में छह लोगों की जान चली गई। अभी भी वहां धमाकों और अवैध पटाखे मिलने का सिलसिला जारी है।
उधर, जुलाई महीने में कपसेठी थाने के गजेपुर निवासी अमर बहादुर राम की पुलिस कस्टडी में मौत से पुलिस की किरकिरी हुई। मामले में न्यायालय के आदेश पर दो दरोगा, दो सिपाही और एक होमगार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।