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काशी को दहलाने की साजिश तो नहीं

Sun, 24 Apr 2016 02:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 24 Apr 2016 02:05 AM IST
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Kashi is not shaking plot
हैंडग्रेनेड को अपने कब्जे में लेते बम डिस्पोजल दस्ते के जवान।
लचर सुरक्षा व्यवस्था के कारण कचहरी एक बार फिर खतरनाक मंसूबे वालों का निशाना बनते-बनते बची। हैंडग्रेनेड की बरामदगी ने कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर कचहरी के सभी छह गेटों पर लगे डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर काम करते और सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था होती तो यह नौबत नहीं आती। जबकि बनारस कचहरी संवेदनशील स्थानों की श्रेणी में आती है। यहां आतंकी वारदात हो चुकी है। यहां पुख्ता सुरक्षा प्रबंध के लिए उच्च न्यायालय की ओर से भी आदेश जारी हुए हैं।
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कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलग से कोई इंतजाम नहीं हैं। सब कुछ कैंट थाने से ही संचालित होता है। कभीकभार औचक निरीक्षण हो जाता है नहीं तो फिर सब जैसे-तैसे चलता रहता है। साल भर पहले अधिवक्ताओं ने एसएसपी दफ्तर में तोड़फोड़ की थी। जिसके बाद तत्कालीन डीएम प्रांजल यादव ने कचहरी परिसर को सीसीटीवी कैमरे से लैस करने का निर्देश दिया था। कचहरी के प्रवेश द्वारों पर लगे मेटल डिटेक्टर को दुरुस्त रखने और कचहरी परिसर को सीसीटीवी कैमरे से लैस करने के संबंध में समय-समय पर अन्य जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के स्तर से घोषणा की गई लेकिन हकीकत में कहीं कुछ नहीं हुआ। इस बारे में एसएसपी आकाश कुलहरि ने कहा कि डोर मेटल डिटेक्टर की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। अधिवक्ता सहयोग करेें, हम परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की हाथ से तलाशी कराएंगे।
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कचहरी में गेट नंबर एक के समीप गुमटी के नीचे मिला हैंडग्रेनेड यदि फटता तो नौ वर्ग मीटर के दायरे में कुछ भी नहीं बचता। इसका धमका इतना जबरदस्त होता कि तबाही का मंजर दो सौ गज तक नजर आता। हैंडग्रेनेड की पिन निकालने के तीन से सात सेकेंड के बीच में विस्फोट हो जाता है। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) और स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का हैंडग्रेनेड नक्सल प्रभावित पहाड़ी क्षेत्रों में पैरामिलिट्री फोर्स इस्तेमाल करती हैं। हो सकता है वहीं के फायरिंग रेंज से किसी कबाड़ी के पास आया हो और वहां से गलत हाथों में पहुंचकर कचहरी ले आया गया हो।
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कचहरी में हैंडग्रेनेड मिलने की जांच पुलिस के अलावा एटीएस और एसटीएफ ने भी शुरू कर दी है। वहीं, दूसरी ओर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के काशी प्रवास के दौरान उनके रात्रिकालीन विश्राम स्थल यानी सर्किट हाउस के समीप हुई हैंडग्रेनेड की बरामदगी से केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। आईबी ने ग्रेनेड की बरामदगी के संबंध में पूरा विवरण गृह    मंत्रालय को भेजा है। साथ ही इस संबंध में मंत्रालय ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब कर वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए कहा है।
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