{"_id":"591875984f1c1b2e14850883","slug":"illegal-weapons-caught-at-mughalsarai-railway-station","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुगलसराय स्टेशन पर पकड़ा गया अवैध असलहों का जखीरा, मुरादाबाद हो रही थी सप्लाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मुगलसराय स्टेशन पर पकड़ा गया अवैध असलहों का जखीरा, मुरादाबाद हो रही थी सप्लाई
ब्यूरो,अमर उजाला,चंदौली
Updated Sun, 14 May 2017 08:49 PM IST
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बरामद असलहे और इनसेट में तस्कर
- फोटो : अमर उजाला
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मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर रविवार की सुबह जीआरपी ने चेकिंग के दौरान प्लेटफार्म संख्या 3/4 के पश्चिमी छोर के शौचालय के पास से बिहार निवासी दो युवकों को 12 तमंचे और 12 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। दोनों बिहार के मुंगेर से असलहा लेकर मुरादाबाद जा रहे थे।
जीआरपी स्टेशन पर जांच अभियान चला रही थी। रविवार की सुबह करीब 4 बजे प्लेटफार्म संख्या 3/4 के पश्चिमी छोर पर शौचालय के पास दो युवक संदिग्ध हाल में दिखे। जीआरपी कर्मियों ने दोनों को पकड़ कर उनके बैग की तलाशी ली तो उसमें 12 पिस्टल और 12 कारतूस मिले।
पूछताछ में दोनों ने अपना नाम नवीद निवासी बरधा थाना मुंगेर, बिहार और अफरोज निवासी बाकर मुंगेर, बिहार बताया। बताया कि वे मुंगेर से असलहे खरीद कर मुरादाबाद जा रहे थे। जहां उनको किसी को देना था। असलहों की बरामदगी की सूचना पर आईबी की टीम भी मौके पर पहुंच गई और पूछताछ की।
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जीआरपी मुगलसराय प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि बिहार के मुंगेर जिले से असलहों की खेप यूपी के मुरादाबाद ले जाई जा रही थी। दोनों मुंगेर से इन असलहों को कम दामों में खरीदकर बिहार और दिल्ली में बेचते थे।
मुंगेर में बनते हैं अवैध असलहे
मुंगेर के विभिन्न गांवों में असलहा निर्माण कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। विशेष कर वरधा का नाम तो काफी चर्चित है। पिछले कुछ वर्षों में यहां असलहा निर्माण की गतिविधियां कुछ कम हुई थी लेकिन दो युवकों की गिरफ्तारी बता रही है कि यह धंधा अब भी जोरों पर चल रहा है।
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जीआरपी स्टेशन पर जांच अभियान चला रही थी। रविवार की सुबह करीब 4 बजे प्लेटफार्म संख्या 3/4 के पश्चिमी छोर पर शौचालय के पास दो युवक संदिग्ध हाल में दिखे। जीआरपी कर्मियों ने दोनों को पकड़ कर उनके बैग की तलाशी ली तो उसमें 12 पिस्टल और 12 कारतूस मिले।
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पूछताछ में दोनों ने अपना नाम नवीद निवासी बरधा थाना मुंगेर, बिहार और अफरोज निवासी बाकर मुंगेर, बिहार बताया। बताया कि वे मुंगेर से असलहे खरीद कर मुरादाबाद जा रहे थे। जहां उनको किसी को देना था। असलहों की बरामदगी की सूचना पर आईबी की टीम भी मौके पर पहुंच गई और पूछताछ की।
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जीआरपी मुगलसराय प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि बिहार के मुंगेर जिले से असलहों की खेप यूपी के मुरादाबाद ले जाई जा रही थी। दोनों मुंगेर से इन असलहों को कम दामों में खरीदकर बिहार और दिल्ली में बेचते थे।
मुंगेर में बनते हैं अवैध असलहे
मुंगेर के विभिन्न गांवों में असलहा निर्माण कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। विशेष कर वरधा का नाम तो काफी चर्चित है। पिछले कुछ वर्षों में यहां असलहा निर्माण की गतिविधियां कुछ कम हुई थी लेकिन दो युवकों की गिरफ्तारी बता रही है कि यह धंधा अब भी जोरों पर चल रहा है।
ट्रेनों से बदस्तूर जारी है तस्करी
डेमो
- फोटो : डेमो पिक
मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर 12 तमंचों की बरामदगी से लगता है कि रेलवे का हावड़ा दिल्ली रूट असलहा तस्करों के लिए सुरक्षित मार्ग बना हुआ है। पिछले चार वर्षों में रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में दर्जनों असलहा, मैगजीन और कारतूस बरामद हुए हैं।
अभी 21 अप्रैल अप कालका मेल के एस-5 कोच में एक युवक के पास से 9 एमएम की चार पिस्टल और सात खाली मैगजीन बरामद किए थे। फिरोजाबाद निवासी युवक वर्दमान से असलहे टुंडला ले जा रहा था। उसने बताया कि कई बार वे असलहे को ले जा चुका है। चार वर्षों के भीतर 48 पिस्टल, दो रिवाल्वर, एक रायफल, दो गोली 41 मैगजीन बरामद हो चुकी है।
अभी 21 अप्रैल अप कालका मेल के एस-5 कोच में एक युवक के पास से 9 एमएम की चार पिस्टल और सात खाली मैगजीन बरामद किए थे। फिरोजाबाद निवासी युवक वर्दमान से असलहे टुंडला ले जा रहा था। उसने बताया कि कई बार वे असलहे को ले जा चुका है। चार वर्षों के भीतर 48 पिस्टल, दो रिवाल्वर, एक रायफल, दो गोली 41 मैगजीन बरामद हो चुकी है।