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हेमा का हत्यारोपी बड़ागांव से गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 15 Dec 2015 01:57 AM IST
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मुंबई की मशहूर पेंटर एवं आर्टिस्ट हेमा उपाध्याय और उनके वकील हरीश भंबानी की हत्या के मामले में मुंबई पुलिस और यूपी एसटीएफ ने संयुक्त आपरेशन के तहत सोमवार को एक आरोपी शिवकुमार राजभर उर्फ साधु को बड़ागांव क्षेत्र के बसनी तिराहे से गिरफ्तार कर लिया।
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उसके पास से हेमा और हरीश के करीब एक दर्जन एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपी बड़ागांव का ही रहने वाला है। पूछताछ में पता चला है कि वह मुंबई के कांदीवली में मूर्ति बनाने की फैक्ट्री में काम करता था।
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फैक्ट्री मालिक विद्या राजभर ने ही हत्या की पूरी साजिश रची थी। उसके कहने पर ही शिवकुमार ने चार अन्य साथियों की मदद से हेमा और हरीश की हत्या की थी।
क्लोरोफार्म सूंघाकर दोनों को मारा गया था। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में विद्या और हेमा के बीच पांच लाख रुपये के लेन-देने के विवाद की जानकारी दी है।
आरोपी को सोमवार की शाम स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया। 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद मुंबई पुलिस उसे लेकर दिल्ली रवाना हो गई।
विद्या राजभर और शिवकुमार राजभर दोनों बड़ागांव के कविरामपुर के रहने वाले हैं।
मुंबई पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के कविरामपुर निवासी शिव कुमार उर्फ साधु समेत कुछ लोगों ने हत्या के बाद गोट्या नाम के किसी व्यक्ति को दोनों शवों को ठिकाने लगाने को कहा था।
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गोट्या ने दोनों शवों को कार्डबोर्ड में भरकर नाले में फेंक दिया। सर्विलांस से जांच के दौरान शिव कुमार का नाम सामने आया। उसके रविवार को ही वाराणसी भाग आने की लोकेशन मुंबई पुलिस को मिली।
इसके बाद मुंबई पुलिस सोमवार की सुबह विमान से वाराणसी पहुंची। एसटीएफ की मदद से बड़ागांव क्षेत्र से शिव कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह कांदीवली स्थित मूर्ति बनाने की फैक्ट्री में काम करता था। फैक्ट्री मालिक विद्या के कहने पर उसने वारदात को अंजाम दिया।
उसने पुलिस को यह भी जानकारी दी कि घटना की रात विद्या ने ही हेमा और हरीश को फोन कर कांदीवली में किसी स्थान पर बुलाया था।
जहां शिव कुमार और उसके चार साथियों ने हेमा और हरीश को क्लोरोफार्म सूंघाया। क्लोरोफार्म की मात्रा ज्यादा होने से दोनों की मौत हो गई।
हेमा और विद्या के बीच सामने आए लेन-देन के विवाद के अलावा अन्य पहलुओं पर मुंबई पुलिस की पड़ताल जारी है।
आरोपी को गिरफ्तारी करने वाली टीम में मुंबई पुलिस के अलावा वाराणसी एसटीएफ के इंस्पेक्टर शैलेश सिंह, विपिन राय, सुनील कुमार वर्मा भी शामिल थे।