फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   fraud on freedom fighter quota in varanasi

स्वतंत्रता सेनानी कोटे के नाम पर पर हुआ यह फर्जीवाड़ा, सामने आई चौंकाने वाली हकीकत

Wed, 15 Nov 2017 01:45 PM IST
amarujala.com- Written by: अजीत कुमार सिंह
amarujala.com- Written by: अजीत कुमार सिंह Updated Wed, 15 Nov 2017 01:45 PM IST
विज्ञापन
fraud on freedom fighter quota in varanasi
FRAUD
वाराणसी में एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां पर कुछ लोगों ने स्वतंत्रता सेनानी कोटे के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। धांधली करने वाले लोगों की करतूत सामने आने पर सभी चौंक गए। श्री हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों के दाखिले में में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है।
विज्ञापन


प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि 34 छात्र-छात्राओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारीजन होने का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर प्रवेश लिए हैं। सबसे ज्यादा सात दाखिले एलएलबी में हुए हैं। स्वतंत्रता सेनानी के परिवारीजन होने का प्रमाण पत्र केवल जिलाधिकारी कार्यालय से जारी होता है।
विज्ञापन


जिलाधिकारी कार्यालय से इन 34 में से किसी का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। फर्जी एडमिशन कराने वाले छात्रों के अलावा प्राचार्य भी कार्रवाई के घेरे में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हरिश्चंद्र महाविद्यालय छात्रसंघ के निवर्तमान महामंत्री शुभम कुमार सेठ ने नौ अक्तूबर को डीएम योगेश्वर राम मिश्र से कॉलेज के विभिन्न पाठ्यक्रमों में फर्जी तरीके से एडमिशन होने की शिकायत की थी।

आरोप था कि 39 छात्रों के दाखिले स्वतंत्रता सेनानी के परिवारीजन होने का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर कराए गए हैं। कॉलेज प्रबंधन और प्राचार्य पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उन्होंने जांच की मांग की थी। डीएम ने मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. विश्राम को दी।

सिटी मजिस्ट्रेट ने संबंधित 39 छात्रों के दाखिले से जुड़े अभिलेख अपने कार्यालय में तलब किए। जांच में 34 छात्रों के स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारीजन होने के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए।

कानून की पढ़ाई गैरकानूनी बुनियाद पर

fraud on freedom fighter quota in varanasi
fraud
​यही नहीं, 34 में से नौ छात्रों को तो स्वतंत्रता सेनानी के परिवारीजन होने का प्रमाण पत्र नहीं लगाने के बावजूद उन्हें इस कोटे से एडमिशन दे दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम के निर्देश पर एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय ने कॉलेज के प्राचार्य सोहन लाल यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 

स्वतंत्रता सेनानी कोटे से एलएलबी में प्रवेश लेने वाले आशीष कुमार, अविनाश, आशुतोष, मो. फैज, अतुल, संतोष बहादुर सिंह और पप्पू यादव के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। कानून की पढ़ाई शुरू करने की उनकी बुनियाद ही गैरकानूनी साबित हुई है।

कानून की पढ़ाई के बाद इन छात्रों में से आगे चलकर कोई जज बनता और कोई बड़ा वकील। पूर्वांचल के कॉलेजों में हरिश्चंद्र कॉलेज की विधि की पढ़ाई की साख है। यहां वाराणसी के साथ ही आसपास के विभिन्न जिलों से छात्र कानून पढ़ने आते हैं।

हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोहनलाल यादव का कहना है कि प्रशासन की ओर से नोटिस अभी नहीं मिला है। अगर फर्जीवाड़े की बात सामने आई तो संबंधितों के दाखिले निरस्त कर दिए जाएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed