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जालसाजी का भंडाफोड़, तीन हत्थे चढ़े
ब्यूरो, वाराणसी अमर उजाला
Updated Mon, 11 Jan 2016 01:37 AM IST
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काशी विद्यापीठ से लेकर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय तक की फर्जी डिग्री और अंकपत्र बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए शनिवार को रोहनिया पुलिस ने तीन जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया।
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यह गोरखधंधा कचहरी स्थित फोटो स्टेट की एक दूकान में जिले के आला अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहा था। हत्थे चढ़े आरोपियों के पास से विश्वविद्यालय, आरटीओ से लेकर कई सरकारी दफ्तरों के कागजात और 40 जिलों के डीएम की मुहर बरामद हुई है।
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इस मामले का खुलासा एसपी ग्रामीण डॉ. एसपी सिंह ने रविवार को रोहनिया थाने में प्रेस कांफ्रेंस कर किया। पुलिस को शनिवार को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी एक व्यक्ति ओएलएक्स के जरिए चोरी की बाइक बेचना चाहता है।
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पुलिस एक ग्राहक के जरिए बाइक बेचने वाले तक पहुंचने के प्रयास में लग गई। शनिवार को ही मोहनसराय से गाजीपुर के भुड़कुड़ा स्थित रामपुर, बलभद्रा निवासी रवि सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
उसके पास से चोरी की बाइक बरामद हुई। पूछताछ में पता चला कि उसने कचहरी स्थित संदीप मिश्रा की दूकान से बाइक का फर्जी रजिस्ट्रेशन पेपर बनवाया है।
पुलिस ने शनिवार की शाम ही चेतगंज के कबीररोड निवासी संदीप मिश्रा की कचहरी स्थित दूकान में छापेमारी कर दी। दूकान से भारी मात्रा जाली कागजात समेत अन्य सामान बरामद हुए।
फोटो स्टेट की आड़ में गोरखधंधा चल रहा था। पकड़े गए संदीप ने पुलिस को बताया कि उसे पांडेयपुर निवासी राजेश श्रीवास्तव यूपी बोर्ड और विश्वविद्यालयों के अंकपत्र और डिग्री का प्रोफार्मा उपलब्ध कराता था।
भोजूबीर के सिकरौल निवासी संतोष द्विवेदी आरटीओ संबंधित प्रोफार्मा उपलब्ध कराता था। पुलिस ने राजेश और संतोष के घर छापेमारी की। उनके घर से प्रोफार्मा समेत अन्य कागजात बरामद किए।
इस दौरान संतोष को तो गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन राजेश नहीं पकड़ा जा सका। संतोष के पिता रामचंद्र द्विवेदी अधिवक्ता हैं।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसओ रोहनिया शिवानंद मिश्रा, स्नेहा तिवारी, विजयशंकर यादव, रमेशचंद्र मिश्रा, सीमा यादव, बैजनाथ पटेल आदि शामिल थे।