{"_id":"5a2ac7c54f1c1b74698c0a26","slug":"fifty-lakh-rupees-fraud-on-the-name-of-job","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नौकरी दिलाने के नाम पर 50 लाख की ठगी, गिरोह ने कई जिलों के लोगों को बनाया निशाना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नौकरी दिलाने के नाम पर 50 लाख की ठगी, गिरोह ने कई जिलों के लोगों को बनाया निशाना
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 08 Dec 2017 10:41 PM IST
विज्ञापन
फर्जी नियुक्ति पत्र
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आए दिन सुनने को मिलता है कि नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी हो रही है। फिर भी लोग जागरुक नहीं हो रहे हैं। लोगों द्वारा अपनाया गया शार्टकट का रास्ता मंहगा पड़ जाता है। उत्तर प्रदेश के मऊ में भी ऐसा ही मामला सामने आया है।
यहां पर कॉलेजों में क्लर्क व चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से 50 लाख रुपए की ठगी हुई है। जिले के कोपागंज क्षेत्र में कॉलेजों में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने और उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देने के मामले में एक आरोपी देवेंद्र कुमार को पुलिस ने शुक्रवार की दोपहर उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ठगी का गिरोह कई जिलों में फैला है। पीड़ितों की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपी के मुताबिक उसका गिरोह विद्यालयों में क्लर्क व चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर धनउगाही करता है।
विज्ञापन
गिरोह इस नाम पर अब तक करीब पचास लाख रुपये ऐंठ चुका है। नेटवर्क में शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी भी शामिल है। पीड़ितों ने बताया कि चपरासी और क्लर्क पद पर नियुक्ति के नाम पर किसी से एक तो किसी से दो लाख रुपये वसूले गए थे।
विज्ञापन
यहां पर कॉलेजों में क्लर्क व चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से 50 लाख रुपए की ठगी हुई है। जिले के कोपागंज क्षेत्र में कॉलेजों में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने और उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देने के मामले में एक आरोपी देवेंद्र कुमार को पुलिस ने शुक्रवार की दोपहर उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ठगी का गिरोह कई जिलों में फैला है। पीड़ितों की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपी के मुताबिक उसका गिरोह विद्यालयों में क्लर्क व चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर धनउगाही करता है।
विज्ञापन
गिरोह इस नाम पर अब तक करीब पचास लाख रुपये ऐंठ चुका है। नेटवर्क में शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी भी शामिल है। पीड़ितों ने बताया कि चपरासी और क्लर्क पद पर नियुक्ति के नाम पर किसी से एक तो किसी से दो लाख रुपये वसूले गए थे।
नेटवर्क में विभाग के अधिकारी भी शामिल
Fraud
- फोटो : demo pic
कोपागंज थाना क्षेत्र के देवेंद्र कुमार ने स्कूल कालेजों में नौकरी दिलाने के नाम पर सरायलखंसी थाना क्षेत्र के चोरपा कला निवासी दिनेश प्रसाद गौतम, घोसी कोतवाली क्षेत्र के कमल सागर गांव निवासी कौशल कुमार, दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के भोपौरा गांव निवासी दिनेश राजभर, कोपागंज थाने के मठ मुहम्मदपुर गांव निवासी अजय राजभर एवं संदीप कुमार और बलिया जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के मसूरिया गांव निवासी श्रवण कुमार से लाखों रुपये ऐंठ लिए और उन्हें फर्जी नियु्क्ति पत्र दे दिया।
पीड़ितों के मुताबिक वे नियुक्ति पत्र लेकर संबंधित विद्यालयों पर पहुंचे तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। पीड़ितों ने बताया कि चपरासी और क्लर्क पद पर नियुक्ति के नाम पर किसी से एक तो किसी से दो लाख रुपये वसूले गए थे।
पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में देवेंद्र ने बताया कि रैकेट का नेटवर्क बहुत बड़ा है। इसमें शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी भी शामिल है।
उसने अकेले 20 लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार देवेंद्र कुमार सहित दो के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ितों के मुताबिक वे नियुक्ति पत्र लेकर संबंधित विद्यालयों पर पहुंचे तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। पीड़ितों ने बताया कि चपरासी और क्लर्क पद पर नियुक्ति के नाम पर किसी से एक तो किसी से दो लाख रुपये वसूले गए थे।
पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में देवेंद्र ने बताया कि रैकेट का नेटवर्क बहुत बड़ा है। इसमें शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी भी शामिल है।
उसने अकेले 20 लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार देवेंद्र कुमार सहित दो के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।