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जौनपुर में फर्जी आईपीएस गिरफ्तार, खुद को रॉ अधिकारी बताकर की थी गाड़ी और गनर की मांग
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:50 PM IST
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गाड़ी की व्यवस्था के लिए किया था एसपी को फोन
- फोटो : demo
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के लाइन बाजार क्षेत्र से एक फर्जी आईपीएस को पकड़ा गया है। उसने जौनपुर एसपी से खुद को आईजी बताकर गाड़ी और गनर की मांग की थी। फर्जी आईपीएस राकेश तिवारी को एसपी ने सोमवार को कार्यालय बुलाकर गिरफ्तार करा दिया।
बाद में उसे लाइन बाजार पुलिस के हवाले कर दिया। बरसठी थाना क्षेत्र के चकमलाई गांव निवासी राकेश तिवारी मुंबई में रहता है। वह एक सप्ताह से खुद को 1995 बैच महाराष्ट्र कैडर का आईपीएस अधिकारी बताकर एसपी शैलेश पांडेय को फोन कर रहा था। उसने एसपी से कहा कि वह जौनपुर अपने घर आ रहा है।
हवाई जहाज से आने के कारण वह साथ में गनर नहीं ले आ पा रहा है। उसने गनर और गाड़ी की व्यवस्था करने के लिए कहा। एसपी ने उससे इसके लिए लिखित मांग करने को कहा। एसपी को राकेश तिवारी पर संदेह था, लेकिन उन्होंने जाहिर नहीं किया।
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इसी बीच राकेश ने फिर फोन कर एसपी से कहा कि आपने गाड़ी नहीं भेजी, उसके घर तेरही है। वह कार्ड लेकर आमंत्रित करने आएगा। सोमवार को राकेश तिवारी एसपी से मिला तो एसपी ने उसे चाय पिलाई। बातचीत में राकेश ने अपनी बेटी को भी अफसर बताया। उसकी उम्र देखकर एसपी का संदेह गहरा गया।
उन्होंने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश में आपके बैच का कौन है तो वह नहीं बता पाया। बातचीत के दौरान उसने एक-दो लोगों का नाम बताया। एसपी ने उन अधिकारियों से बात की तो उन लोगों ने एसपी को बताया कि राकेश उन्हें भी आईपीएस बताकर फोन करता है।
बातचीत के दौरान राकेश एक जमीन के विवाद मामले में सिफारिश करने लगा तो एसपी को हकीकत समझ में आ गई।
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बाद में उसे लाइन बाजार पुलिस के हवाले कर दिया। बरसठी थाना क्षेत्र के चकमलाई गांव निवासी राकेश तिवारी मुंबई में रहता है। वह एक सप्ताह से खुद को 1995 बैच महाराष्ट्र कैडर का आईपीएस अधिकारी बताकर एसपी शैलेश पांडेय को फोन कर रहा था। उसने एसपी से कहा कि वह जौनपुर अपने घर आ रहा है।
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हवाई जहाज से आने के कारण वह साथ में गनर नहीं ले आ पा रहा है। उसने गनर और गाड़ी की व्यवस्था करने के लिए कहा। एसपी ने उससे इसके लिए लिखित मांग करने को कहा। एसपी को राकेश तिवारी पर संदेह था, लेकिन उन्होंने जाहिर नहीं किया।
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इसी बीच राकेश ने फिर फोन कर एसपी से कहा कि आपने गाड़ी नहीं भेजी, उसके घर तेरही है। वह कार्ड लेकर आमंत्रित करने आएगा। सोमवार को राकेश तिवारी एसपी से मिला तो एसपी ने उसे चाय पिलाई। बातचीत में राकेश ने अपनी बेटी को भी अफसर बताया। उसकी उम्र देखकर एसपी का संदेह गहरा गया।
उन्होंने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश में आपके बैच का कौन है तो वह नहीं बता पाया। बातचीत के दौरान उसने एक-दो लोगों का नाम बताया। एसपी ने उन अधिकारियों से बात की तो उन लोगों ने एसपी को बताया कि राकेश उन्हें भी आईपीएस बताकर फोन करता है।
बातचीत के दौरान राकेश एक जमीन के विवाद मामले में सिफारिश करने लगा तो एसपी को हकीकत समझ में आ गई।
जब फंसा तो बोला, मैं मेंटल हूं
प्रतीकात्मक तस्वीर
एसपी ने राकेश तिवारी को लाइन बाजार पुलिस को बुलाकर थाने भेजवा दिया। पकड़े जाने पर राकेश ने कहा कि वह भारतीय खुफिया एजेंसी रा में है, छोड़ेगा नहीं। एसपी ने बताया कि राकेश तिवारी खुद को आईपीएस बताकर अधिकारियों पर धौंस जमाता था। उधर, गिरफ्तार राकेश तिवारी ने थाने में बताया कि उसका मेंटल इलाज चल रहा है। वह क्या बोल जाता है, उसे पता नहीं होता है।