यूपीः जौनपुर में बैखौफ बदमाशों ने कार सवार हीरा व्यापारी को मारी गोली, लूट ले गए 1.70 करोड़ के गहने
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां बाइक सवार दो बदमाशों ने बुधवार की देर रात हीरा व्यवसायी से करीब एक करोड़ 70 लाख के आभूषण व रुपया लूट लिए। हीरा व्यापारी ने जब विरोध किया तो बदमाशों ने उनको गोली मार दी। घटना बक्सा थाना क्षेत्र के शिव गुलाम गंज बाजार के पास की है। घटना से पूरे जिले में हड़कंप मच गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां से वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है। बक्सा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी नागेश दुबे की रायबरेली और लखनऊ में मानिक चंद ज्वेलर्स नामक से दुकान है। वह सराफा कारोबारियों को हीरा और सोने चांदी के गहने सप्लाई करते हैं।
बुधवार को वह अपनी कार से रायबरेली से वाराणसी आए। यहां पूर्वांचल की सबसे बड़ी गल्ला मंडी कही जाने वाली विशेश्वरगंज स्थित सराफा कारोबारी को माल सप्लाई करने के बाद जौनपुर पहुंचे। यहां भी दो दुकानों पर माल देने के बाद अपने पैतृक गांव सुल्तानपुर जा रहे थे।
वह शिव गुलामगंज बाजार से अपने गांव की तरफ मुड़े ही थे कि बाइक सवार बदमाशों ने उनके गाड़ी में टक्कर मार दी। इस दौरान बाइक सवार बदमाशों से मारपीट होने लगी। आरोप है कि बदमाशों ने उन्हें गोली मारकर कार में रखा एक करोड़ 70 लाख मूल्य के हीरा और गहने लेकर फरार हो गए।
पहले से ही उनका पीछा कर रहे बाइक सवार बदमाशों ने बुधवार की देर रात शिवगुलामगंज (सुकलामगंज) बाजार में सुनसान स्थान देख पीछे से उनकी कार में टक्कर मार दी। जब उन्होंने कार रोकी तो बदमाश अंधाधुंध फायरिंग करने लगे, जिससे उनके बांयी हाथ में गोली लगी। इसके बाद बदमाश कार में रखा गहनों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। उनके जाते ही व्यवसायी ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
इधर गोली की आवाज सुन स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और सूचना पुलिस को दी। इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है। नागेश दुबे के पास लाइसेंसी रिवाल्वर भी थी। लेकिन उसने अपने बचाव में फायर नहीं किया। इतनी बड़ी घटना होने के बाद जौनपुर एसपी ने खुद मौके के मुआयना किया। बावजूद इसके पुलिस को अभी तक घटना को लेकर कोई तहरीर नहीं मिली है।
रायबरेली से लेकर जौनपुर तक का कनेक्शन खंगाल रही एसटीएफ
हीरा व्यवसायी से 1.70 करोड़ की ज्वेलरी लूट के मामले में एसटीएफ और पुलिस की अलग- अलग दिशा में जांच चल रही है। एक तरफ पुलिस की टीम इस घटना को संदिग्ध मानते हुए जांच कर रही है तो एसटीएफ लूट के तार रायबरेली से लेकर वाराणसी और जौनपुर से जुड़े होने की तलाश कर रही है।
एसटीएफ के इंस्पेक्टर विपिन राय के नेतृत्व में बक्शा थाने पहुंची एसटीएफ वाराणसी की टीम ने पीड़ित से घंटों पूछताछ की। आभूषण कारोबारी नागेश दूबे छोटे भाई गुरुदत्त दुबे भी बक्शा थाने पहुंचे जहां एसटीफ ने पहले दोनों भाइयों से अलग अलग बात की फिर एक साथ दोनों भाइयों से देर तक पूछताछ की गई।
एसटीफ लूट की इस वारदात के तार रायबरेली, वाराणसी या फिर जौनपुर से जुड़े होने की छानबीन कर रही है। जिले की क्राइम ब्रांच और पुलिस की अलग अलग टीम भी भी जांच कर रही है। पुलिस को घटना पर संदेह हो रहा है। जांच में लगी पुलिस टीम का मानना है कि आभूषण कारोबारी के पास जब इतनी भारी रकम के आभूषण थे तो उन्हें घर जाने के लिए हाईवे से होकर जाना चाहिए था।
हाईवे पर पुलिस थाना है और यह रूट उनके लिए सुरक्षित था। जिस शिवगुलामगंज से वह जिस रास्ते से होकर घर की तरफ जा रहे थे वह सूनसान रास्ता है और सड़़क के दोनों तरफ सरपत के झुरमुट हैं। दूसरी बात यह कि जब बाइक सवार बदमाशों ने पीड़ित की कार में पीछे से टक्कर मारी तो सुनसान स्थान पर कार रोकने के बजाय उन्हें कार की रफ्तार तेज करना चाहिए था।
जिस ईंट से कार का शीशा तोडने की बात कही गई है वह ईंट सड़क किनारे स्थित एक दीवाल से उखाड़ी गई है। जब बदमाश ईंट उखाड़ रहे थे तब भी पीड़ित को कार से भागने का मौका रहा होगा। एसपी दिनेशपाल सिंह ने भी थाने में पीड़ित से पूछताछ की।
हीरा व्यवसायी से लूट में बनीं जांच टीमें
उधर गोली से घायल हीरा व्यवसायी नागेश दुबे को वाराणसी के ट्रामा सेंटर में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। शाम को करीब पांच बजे थाने पहुंचे पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का केस दर्ज कर लिया है। एसटीएफ वाराणसी की टीम बक्शा थाने पहुंचकर पीड़ित से पूछताछ की।
बक्शा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी नागेश दुबे का रायबरेली में ज्वेलरी का शोरूम है। नागेश के पिता मानिकचंद्र दुबे सुल्तानपुर गांव के प्रधान और समाजवादी पार्टी के नेता हैं। नागेश दुबे और उनके छोटे भाई गुरुदत्त दुबे अपने इस व्यवसाय को संभालते हैं। वाराणसी जौनपुर समेत अन्य जिलों में भी वह आभूषण कारोबारियों को ज्वेलरी की सप्लाई करते हैं।
पहले ईंट मारा तब मारी गोली
वह छह बजे वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित चेतमणि ज्वेलर्स के यहां पहुंचे। यहां आठ लाख का माल देने के बाद करीब नौ बजे जौनपुर आ गए। यहां गहना कोठी के यहां माल देने के बाद वह विश्वनाथ ज्वेलर्स के शोरूम पर पहुंचे तो शोरूम बद हो चुका था। वह कार से सीधे अपने घर बक्शा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव के लिए चल दिए।
शिवगुलामगंज से हाईवे छोड़कर वह बसालतपुर के रास्ते से जाने लगे। रात में करीब साढ़े दस बजे चकजद्दू दुबे गांव के पास पहुंचे थे तभी एक बाइक पर सवार दो बदमाशों ने पीछे से उनका कार में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही उन्होंने कार रोक दी। बाइक सवार बदमाश बायीं तरफ के गेट का शीशा ईंट मारकर तोड़ दिया। एक गोली हवा में निकल गई और दूसरी उनके बायें हाथ में की हथेली से थोड़ा ऊपर भेदते हुए पार कर गई। पीड़ित के मुताबिक ज्वेलरी के सारे कागजात भी बैग में ही थे जिसे बदमाश लूट ले गए।