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ठेकेदार आत्महत्या : फोन डायवर्ट कर भागे पीडब्ल्यूडी अभियंता, दो आरोपी भेजे गए जेल

Sat, 31 Aug 2019 08:42 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 31 Aug 2019 08:42 PM IST
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contractor avdhesh suicide case Assistant Engineer Under Engineer sent to judicial custody varanasi
ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला

ठेकेदार अवधेश चंद्र श्रीवास्तव की आत्महत्या की घटना के चौथे दिन शनिवार को पीडब्ल्यूडी के कई आरोपी अभियंता फोन डायवर्ट करके भागे हैं। कार्यालय में सन्नाटा छाया था। किसी भी कार्यालय में कोई अधिकारी नहीं मिले। तो वहीं ठेकेदार द्वारा आत्महत्या करने के मामले में गिरफ्तार किए गए पीडब्ल्यूडी के दो इंजीनियर अवर अभियंता और सहायक अभियंता को कोर्ट ने जेल बेद दिया है।

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मुख्य अभियंता अंबिका सिंह के कार्यालय से पता चला कि वे लखनऊ गए हैं। उन्हें फोन मिलाया गया लेकिन उनका फोन उठा नहीं। इसी प्रकार सहायक अभियंता एसडी मिश्र को फोन किया गया तो उनका मोबाइल डायवर्ट था। ऐसा ही कई अभियंताओं का हाल है। जिनका फोन उठ नहीं रहा है। कुछ का लग नहीं रहा है।
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कार्यालय के बाहर ठेकेदार सुबह से शाम तक बैठे रहे। उधर पुलिस भी तैनात रही। शाम को प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता सुग्रीव राम ने कहा कि उनके खंड के 34.15 लाख रुपये का बकाया था उसका भुगतान हो गया है। बाकी भवन खंड में 48 लाख का बकाया है। इसके बारे में वहीं लोग बताएंगे।

उधर भवन खंड के सहायक अभियंता आशुतोष सिंह और अवर अभियंता मनोज सिंह को अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। इसके चलते अवधेश के 48 लाख रुपये के भुगतान अभी बकाया है। क्योंकि अवर अभियंता को एमबी बनाकर देना पड़ता है, जिसके बाद भुगतान होता है। अभी अवर अभियंता जेल में हैं। ठेकेदार के परिवार और परिचितों के अनुसार कबीरचौरा के एमसीएम विंग का 4.5 करोड़ रुपये बकाया है।

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सेटिंग के माहिर खिलाड़ियों के संपर्क में अभियंता :
सूत्रों की मानें तो अवधेश प्रकरण में आरोपी अभियंता सेंटिंग के माहिर खिलाड़ियों के संपर्क में हैं। बनारस से लेकर लखनऊ तक शासन प्रशासन में बैठे लोगों से जुगाड़ लगा रहे हैं ताकि बच निकलने का रास्ता बन सके। दरअसल सुसाइड नोट में जिनका नाम है उस पर सारा ठीकरा फोड़ने की तैयारी अंदर अंदर चल रही है।

अवर अभियंता और सहायक अभियंता को भेजा गया जेल :
पीडब्ल्यूडी के चीफ  इंजीनियर के कक्ष में ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव द्वारा आत्महत्या करने के मामले में गिरफ्तार किए गए पीडब्ल्यूडी के दो इंजीनियरों को प्रभारी सीजेएम सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत में शनिवार को पेश किया गया। अदालत ने दोनों आरोपियों अवर अभियंता मनोज सिंह व सहायक अभियंता आशुतोष सिंह को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। वहीं, कोर्ट में सहायक अभियंता आशुतोष सिंह की ओर से जमानत के लिए आवेदन दिया गया है, जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया।

कैंट पुलिस ने शुक्रवार को मनोज और आशुतोष सिंह को गिरफ्तार किया था। अवधेश के सुसाइड नोट और कैंट थाने में दर्ज मुकदमे के आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। अन्य छह नामजद आरोपियों के खिलाफ तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस तथ्यों की जांच और इसे एकत्रित करने में जुटी है।

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