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कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के एनजीओ पर जालसाजी का आरोप, मुकदमा दर्ज
ब्यूरो,अमर उजाला,भदोही
Updated Wed, 05 Jul 2017 10:18 AM IST
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सलमान खुर्शीद
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पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के कद्दावर नेता सलमान खुर्शीद एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके एनजीओ के खिलाफ यूपी के भदोही जिले में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
सलमान खुर्शीद का एनजीओ डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट पर विकलांगों के उपकरण वितरण के अभिलेखों में जालसाजी करने का आरोप है। यह मुकदमा भदोही जिले के गोपीगंज थाने में केस दर्ज कराया गया है।
मामले की जांच कर रही सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर रामशंकर यादव ने ट्रस्ट के प्रतिनिधि प्रत्युष शुक्ल और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 30 मार्च 2010 को डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट को विकलांगों में उपकरण वितरण के लिए 71.50 लाख रुपये अनुदान दिया था।
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इस धनराशि में दो लाख रुपये से भदोही जिले के विकलांगजनों को उपकरण मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। यह भी कहा गया था कि धनराशि का उपयोग तीन महीने के अंदर कर लिया जाए और उपभोग प्रमाण पत्र के साथ वितरित उपकरणों के कम से कम 10 फीसदी का सत्यापन जिला स्तरीय अधिकारियों से करवाकर केंद्र सरकार को भेजा जाए।
ट्रस्ट की ओर से तीन जून 2010 को केंद्र को भेजी गई टेस्ट चेक रिपोर्ट में 34 लाभार्थियों की सूची दी गई। इसमें बताया गया कि 17 अप्रैल 2010 को गोपीगंज में कैंप लगाकर विकलांगों को उपकरण वितरित किए गए। इसका ज्ञानपुर तहसीलदार और अन्य अधिकारियों से सत्यापन कराया गया था।
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सलमान खुर्शीद का एनजीओ डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट पर विकलांगों के उपकरण वितरण के अभिलेखों में जालसाजी करने का आरोप है। यह मुकदमा भदोही जिले के गोपीगंज थाने में केस दर्ज कराया गया है।
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मामले की जांच कर रही सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर रामशंकर यादव ने ट्रस्ट के प्रतिनिधि प्रत्युष शुक्ल और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 30 मार्च 2010 को डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट को विकलांगों में उपकरण वितरण के लिए 71.50 लाख रुपये अनुदान दिया था।
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इस धनराशि में दो लाख रुपये से भदोही जिले के विकलांगजनों को उपकरण मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। यह भी कहा गया था कि धनराशि का उपयोग तीन महीने के अंदर कर लिया जाए और उपभोग प्रमाण पत्र के साथ वितरित उपकरणों के कम से कम 10 फीसदी का सत्यापन जिला स्तरीय अधिकारियों से करवाकर केंद्र सरकार को भेजा जाए।
ट्रस्ट की ओर से तीन जून 2010 को केंद्र को भेजी गई टेस्ट चेक रिपोर्ट में 34 लाभार्थियों की सूची दी गई। इसमें बताया गया कि 17 अप्रैल 2010 को गोपीगंज में कैंप लगाकर विकलांगों को उपकरण वितरित किए गए। इसका ज्ञानपुर तहसीलदार और अन्य अधिकारियों से सत्यापन कराया गया था।
एनजीओ संस्थापक सलमान खुर्शीद की पत्नी!
salman khurshid
- फोटो : अमर उजाला
टेस्ट चेक रिपोर्ट की जांच में सत्यापन करने वाले अधिकारियों के हस्ताक्षर तो सही पाए गए, लेकिन गोपीगंज में उपकरणों के वितरण के लिए कैंप का आयोजन 23 मार्च 2011 को होना पाया गया।
आरोप है कि ट्रस्ट के प्रतिनिधि खतराना स्ट्रीट फर्रुखाबाद निवासी प्रत्युष शुक्ल और अन्य ने कूटरचित अभिलेख तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा। इस पर रविवार की देर रात गोपीगंज थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर एफआईआर आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को भेज दिया।
गौरतलब है कि इस ट्रस्ट से पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद जुड़े हैं। इसकी संस्थापक सलमान की पत्नी लुईस सलमान खुर्शीद बताई जा रहीं हैं। इस संबंध में ज्ञानपुर सीओ रामकरण ने कहा कि सीबीसीआईडी इस मामले की जांच कर रही है।
उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना के लिए उन्हें दे दिया गया है।
आरोप है कि ट्रस्ट के प्रतिनिधि खतराना स्ट्रीट फर्रुखाबाद निवासी प्रत्युष शुक्ल और अन्य ने कूटरचित अभिलेख तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा। इस पर रविवार की देर रात गोपीगंज थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर एफआईआर आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को भेज दिया।
गौरतलब है कि इस ट्रस्ट से पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद जुड़े हैं। इसकी संस्थापक सलमान की पत्नी लुईस सलमान खुर्शीद बताई जा रहीं हैं। इस संबंध में ज्ञानपुर सीओ रामकरण ने कहा कि सीबीसीआईडी इस मामले की जांच कर रही है।
उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना के लिए उन्हें दे दिया गया है।