झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने ली बच्ची की जान, घटना के बाद से हुआ फरार
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही की वजह से बच्ची की जान चली गई। इस मामले में पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और तलाश में जुट गई है।
गाजीपुर के नंदगंज थाना क्षेत्र के अगस्ता गांव में सोमवार को झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से गांव के रहने वाली एक बालिका की मौत हो गई। घटना के बाद चिकित्सक डिस्पेंसरी बंद कर फरार हो गया। परिजनों ने तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से बालिका की मौत हो गई है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस आरोपी चिकित्सक की तलाश में जुट गई है।
क्षेत्र के अगस्ता गांव निवासी मुद्रिका राम की पुत्री संजना(7) की तबियत खराब हो गई। उसका उपचार कराने के लिए परिजन गांव में स्थित झोलाछाप चिकित्सक प्रमोद बिंद की डिस्पेंसरी पर ले गए। संजना के दोनों पैर में फोड़ा था। उसे ठीक करने की बात कहते हुए चिकित्सक ने नस में सूई लगाया। इंजेक्शनल लगती ही संजना छटपटाने लगी।
इस पर चिकित्सक संजना और उसके पिता को बाइक पर बैठाकर शहर के आलम पट्टी में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल ले आया। यहां गंभीर हालत को देखते हुए डाक्टर ने मऊ के लिए रेफर कर दिया। झोलाछाप डॉक्टर फिर से बाइक से बीमार बालिका और उसके पिता के साथ मऊ ले जा रहा था। तभी मऊ के फातमा अस्पताल के चिकित्सकों ने बालिका को मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर प्रमोद ने एम्बुलेंस के जरिए पिता के साथ संजना का शव गांव भेजवा दिया और खुद बाइक से फरार हो गया। पिता जैसे ही संजना का शव लेकर घर पहुंचे, कोहराम मच गया। पिता मुद्रिका ने थाने में तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि चिकित्सक की लापरवाही से बालिका की मौत हुई है।
इस संबंध में पुलिस ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी चिकित्सक प्रमोद बिंद की तलाश शुरू कर दी गई है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मालूम हो कि बालिका की जान लेने का आरोपी चिकित्सक पिछले दस वर्षों से गांव में डिस्पेंसरी चला रहा है। डिस्पेंसरी पर कोई बोर्ड भी नहीं लगा है।