पत्रकार हत्याकांड: सभी आरोपी गिरफ्तार, हत्यारोपियों के खिलाफ लगेगा एनएसए और होगी गैंगस्टर की कार्रवाई
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बलिया जिले में पत्रकार रतन सिंह हत्याकांड में पुलिस ने प्रशांत सिंह उर्फ हीरा और अनिल सिंह के बाद शुक्रवार की देर रात उदय सिंह और तेज बहादुर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि अभी पुलिस विभाग की ओर से केवल हीरा की गिरफ्तारी को ही सामने लाया जा रहा है।
शेष तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी अभी नहीं दिखाई जा रही है। इस बीच डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया है कि फरार आरोपियों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी कराने के साथ ही इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार कर दी गई है। डीआईजी ने कहा कि इन सभी के खिलाफ एनएसए व गैंगस्टर के साथ ही संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
बता दें कि फेफना थाना से चंद कदम की दूरी पर स्थित प्रधान के घर धोखे से बुलाकर बदमाशों ने पत्रकार रतन सिंह की हत्या 24 अगस्त की रात गोली मारकर कर दिया था। मामले में तत्काल छह आरोपी पकड़ लिए गए थे। हीरा सिंह को पुलिस ने बुधवार को ही पकड़ लिया था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी गुरुवार को दिखाई जा रही है।
अभी पुलिस ने अनिल की गिरफ्तारी को नहीं दिखाया है। हीरा के पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक देवेंद्रनाथ के अनुसार फेफना एसएचओ राजीव कुमार मिश्र गुरुवार को देर रात फेफना चौराहे पर थे, तभी एसओजी व सर्विलांस की संयुक्त टीम भी आ गई।
ये लोग आपस में बातचीत कर रहे थे तभी मुखबिर से सूचना मिली कि पत्रकार हत्याकांड का मुख्य आरोपी हीरा सिंह एकौनी तिराहे पर मौजूद है। पुलिस टीम मौके पर पहुची तो वहां एक व्यक्ति खड़ा था। पुलिस को देखते ही वह रसड़ा की तरफ भागने लगा। घेरने का प्रयास किया गया तो उसने पुलिस टीम पर फायर कर दिया, लेकिन कारतूस मिसफायर हो गया।
पुलिस ने रात लगभग पौने 12 बजे उसे चारों तरफ से घेर कर पकड़ लिया। उसके पास से एक पिस्टल व एक कारतूस व एक मिसफायर कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रशान्त उर्फ हीरा पुत्र दिनेश सिंह निवासी फेफना थाना फेफना बताया।
भागने का कारण पूछने पर उसने बताया कि जमीन के विवाद व पुरानी रंजिश में गांव के पत्रकार रतन सिंह को गांव के सोनू सिंह, चाचा अरविंद सिंह, पापा दिनेश सिंह, तेजबहादुर सिंह, वीर बहादुर सिंह, मोती सिंह, सुशील सिंह, अनिल सिंह और उदय सिंह ने लाठी-डंडा, कुल्हाड़ी आदि से मारकर घायल कर दिया था।
उसके बाद मैंने अपने इसी पिस्टल से गोली मारकर रतन सिंह की हत्या कर दी। इसके बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए वाराणसी भागने के प्रयास में था। पकड़े जाने के डर से पुलिस टीम पर भी फायरिंग की।