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आतंकियों के आजमगढ़ माड्यूल्स की पड़ताल नए सिरे से
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Sun, 24 Jan 2016 02:03 AM IST
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लखनऊ, कुशीनगर समेत देश के अलग-अलग शहरों में आईएसआईएस के 14 संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद खुफिया एजेंसियों ने आतंकियों के आजमगढ़ माड्यूल्स की पड़ताल नए सिरे से शुरू की है। आजमगढ़ निवासी बड़ा साजिद समेत फरार दो आतंकियों के आईएसआईएस से जुड़े होने की आशंका है।
पता चला है कि पूर्वांचल समेत कई जिलों के युवाओं से संपर्क कर उन्हें आईएसआईएस से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके मद्देनजर खुफिया एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। उनके निर्देश पर नेपाल सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। खास तौर पर आजमगढ़ और गोरखपुर से नेपाल जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
आजमगढ़ के पांच फरार आंतकी शहनवाज, मिर्जा शादाब बेग, आरिज खान, मो. खालिद और वकास पर एनआईए ने 10-10 लाख का इनाम घोषित किया है। बड़ा साजिद के आईएसआईएस से जुड़े होने की खबरें पहले से आती रही हैं। बीते नवंबर में सीरिया में उसके मारे जाने की खबर आई थी लेकिन उसके घरवालों ने इसे सिरे से खारिज किया था। शुक्रवार को देश भर से आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकियों के पकड़े जाने के बाद से खुफिया एजेंसियों ने बड़ा साजिद समेत अन्य फरार आतंकियों की पड़ताल नए सिरे से शुरू की है।
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पता चला है कि बड़ा साजिद के अलावा आजमगढ़ का एक अन्य आतंकी भी आईएसआईएस से जुड़ गया है। एजेंसियां पूर्वांचल में उसके संपर्कों को खंगाल रही है। यह भी पता चला है कि ये दोनों आतंकी पूर्वांचल समेत अन्य जिलों के युवाओं को गुमराह कर उन्हें सीरिया बुलाने के प्रयास में हैं।
आजमगढ़ के संजरपुर का रहने वाला बड़ा साजिद पूर्व में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ा था। बड़ा साजिद पर दिल्ली के बटला हाउस एनकाउंटर में शामिल होने का आरोप है। उसका छोटा भाई छोटा साजिद 2008 में बटला हाउस कांड में मारा गया था। सूत्रों का कहना है कि बड़ा साजिद फर्जी पासपोर्ट पर पहले नेपाल भाग गया, फिर वहां से दुबई होते हुए पाकिस्तान और फिर सीरिया पहुंचा। वह काफी दिनों तक आईएम के आतंकी रियाज भटकल के संपर्क में भी था। आईएम ने उसे उत्तरी भारत में आतंकी घटनाएं करने के लिए कमांडर बनाया था। नंवबर में आईएसआईएस द्वारा छेड़े गए युद्ध की जानकारी देने वाले कुछ ट्विटर हैंडल के जरिये भारतीय खुफिया एजेंसियों को साजिद के सीरिया में मारे जाने की जानकारी मिली थी।
आईबी और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने गोरखपुर से बीते साल 26 मार्च को आतंकी ओवेस मुर्तजा और अब्दुल वलीद को गिरफ्तार किया था। उनके पास से एके 47 और पिस्टल बरामद हुई थी। दोनों ने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि वह आईएम के रियाज भटकल के कहने पर यूपी में आतंकी धमाके करने वाले थे।
उनकी कॉल डिटेल खंगालने पर पता चला कि आतंकियों की बात भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में लगातार हो रही थी। दोनों आतंकी रहने वाले करांची के थे लेकिन उन्हें प्रशिक्षण अफगानिस्तान में दिया गया था। पूछताछ के आधार पर ही आजमगढ़ के फरार आतंकी शहनवाज, साजिद और मिर्जा शादाब बेग के अफगानिस्तान में छिपे होने की आशंका जताई गई थी।
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पता चला है कि पूर्वांचल समेत कई जिलों के युवाओं से संपर्क कर उन्हें आईएसआईएस से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके मद्देनजर खुफिया एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। उनके निर्देश पर नेपाल सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। खास तौर पर आजमगढ़ और गोरखपुर से नेपाल जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
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आजमगढ़ के पांच फरार आंतकी शहनवाज, मिर्जा शादाब बेग, आरिज खान, मो. खालिद और वकास पर एनआईए ने 10-10 लाख का इनाम घोषित किया है। बड़ा साजिद के आईएसआईएस से जुड़े होने की खबरें पहले से आती रही हैं। बीते नवंबर में सीरिया में उसके मारे जाने की खबर आई थी लेकिन उसके घरवालों ने इसे सिरे से खारिज किया था। शुक्रवार को देश भर से आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकियों के पकड़े जाने के बाद से खुफिया एजेंसियों ने बड़ा साजिद समेत अन्य फरार आतंकियों की पड़ताल नए सिरे से शुरू की है।
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पता चला है कि बड़ा साजिद के अलावा आजमगढ़ का एक अन्य आतंकी भी आईएसआईएस से जुड़ गया है। एजेंसियां पूर्वांचल में उसके संपर्कों को खंगाल रही है। यह भी पता चला है कि ये दोनों आतंकी पूर्वांचल समेत अन्य जिलों के युवाओं को गुमराह कर उन्हें सीरिया बुलाने के प्रयास में हैं।
आजमगढ़ के संजरपुर का रहने वाला बड़ा साजिद पूर्व में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ा था। बड़ा साजिद पर दिल्ली के बटला हाउस एनकाउंटर में शामिल होने का आरोप है। उसका छोटा भाई छोटा साजिद 2008 में बटला हाउस कांड में मारा गया था। सूत्रों का कहना है कि बड़ा साजिद फर्जी पासपोर्ट पर पहले नेपाल भाग गया, फिर वहां से दुबई होते हुए पाकिस्तान और फिर सीरिया पहुंचा। वह काफी दिनों तक आईएम के आतंकी रियाज भटकल के संपर्क में भी था। आईएम ने उसे उत्तरी भारत में आतंकी घटनाएं करने के लिए कमांडर बनाया था। नंवबर में आईएसआईएस द्वारा छेड़े गए युद्ध की जानकारी देने वाले कुछ ट्विटर हैंडल के जरिये भारतीय खुफिया एजेंसियों को साजिद के सीरिया में मारे जाने की जानकारी मिली थी।
आईबी और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने गोरखपुर से बीते साल 26 मार्च को आतंकी ओवेस मुर्तजा और अब्दुल वलीद को गिरफ्तार किया था। उनके पास से एके 47 और पिस्टल बरामद हुई थी। दोनों ने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि वह आईएम के रियाज भटकल के कहने पर यूपी में आतंकी धमाके करने वाले थे।
उनकी कॉल डिटेल खंगालने पर पता चला कि आतंकियों की बात भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में लगातार हो रही थी। दोनों आतंकी रहने वाले करांची के थे लेकिन उन्हें प्रशिक्षण अफगानिस्तान में दिया गया था। पूछताछ के आधार पर ही आजमगढ़ के फरार आतंकी शहनवाज, साजिद और मिर्जा शादाब बेग के अफगानिस्तान में छिपे होने की आशंका जताई गई थी।