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आजमगढ़ में जहरीली शराब पीने से आठ की मौत, 10 बीमार
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Fri, 07 Jul 2017 07:32 PM IST
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केवटहिया गांव में शव के पास बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़ के रौनापार थाना क्षेत्र के सरदौली गरथौली बुढ़ानपुर केवटहिया और ओड़रा सलेमपुर गांव में गुरुवार की रात जहरीली शराब पीने से आठ लोगों की मौत हो गई जबकि दस को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं गंभीर रूप से बीमार तीन लोगों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इन लोगों ने अपने गांव में एक-दूसरे के यहां से शराब खरीदकर पी थी। घटना की सूचना मिलने डीआईजी, एसपी, आबकारी के डिप्टी कमिश्नर मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों की मांग पर पुलिस ने दो लोगों की मौत को स्वाभाविक बताते हुए उनके शवों को बगैर पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया जबकि छह लोगों की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना के बाद छापेमारी शुरू कर दी।
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शुक्रवार की सुबह जहरीली शराब पीने की वजह से कोई घर में तो कोई खेत में मृत मिलने की पड़ा मिलने की जानकारी होने पर गांव के लोगों में हड़कंप मच गया। कई पीड़ितों को परिवार के लोगों ने लाकर अस्पताल में भर्ती कराया। बीमार लोगों ने बताया कि इन लोगों ने गांव में ही एक-दूसरे के घर से शराब खरीदकर पी थी।
देर रात शराब पीने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। सुबह आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा और उल्टी-दस्त होने लगी। जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वालों में रौनापार थाना क्षेत्र के सरदौली गरथौली बुढ़ानपुर केवटहिया गांव निवासी चरित्र निषाद (80), रामवृक्ष (75), रामनयन (65), शिवकुमार (18), रामप्रीत (35), पड़ोसी गांव रसूलपुर निवासी सोबरी (35) और ओड़रा सलेमपुर निवासी केशव पासी (45) और बिलरियागंज थाना क्षेत्र के वरुना जगदीशपुर गांव निवासी अरविंद (32) शामिल हैं।
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वहीं गंभीर रूप से बीमार तीन लोगों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इन लोगों ने अपने गांव में एक-दूसरे के यहां से शराब खरीदकर पी थी। घटना की सूचना मिलने डीआईजी, एसपी, आबकारी के डिप्टी कमिश्नर मौके पर पहुंच गए।
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ग्रामीणों की मांग पर पुलिस ने दो लोगों की मौत को स्वाभाविक बताते हुए उनके शवों को बगैर पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया जबकि छह लोगों की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना के बाद छापेमारी शुरू कर दी।
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शुक्रवार की सुबह जहरीली शराब पीने की वजह से कोई घर में तो कोई खेत में मृत मिलने की पड़ा मिलने की जानकारी होने पर गांव के लोगों में हड़कंप मच गया। कई पीड़ितों को परिवार के लोगों ने लाकर अस्पताल में भर्ती कराया। बीमार लोगों ने बताया कि इन लोगों ने गांव में ही एक-दूसरे के घर से शराब खरीदकर पी थी।
देर रात शराब पीने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। सुबह आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा और उल्टी-दस्त होने लगी। जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वालों में रौनापार थाना क्षेत्र के सरदौली गरथौली बुढ़ानपुर केवटहिया गांव निवासी चरित्र निषाद (80), रामवृक्ष (75), रामनयन (65), शिवकुमार (18), रामप्रीत (35), पड़ोसी गांव रसूलपुर निवासी सोबरी (35) और ओड़रा सलेमपुर निवासी केशव पासी (45) और बिलरियागंज थाना क्षेत्र के वरुना जगदीशपुर गांव निवासी अरविंद (32) शामिल हैं।
पहले भी हुई जहरीली शराब के कारण मौत
शव के पास रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
अरविंद केवटहिया में गुरुवार की रात रिश्तेदारी में गया था जहां छककर शराब पी थी और रात में ही घर लौट आया था। बाद में उसकी हालत खराब हो गई और उसने घर पर ही दम तोड़ दिया। मरने वालों में चरित्र और रामवृक्ष सगे भाई हैं।
इसके अलावा जहरीली शराब से बीमार हुए लोगों में सरदौली गरथौली, बुढ़ानपुर केवटहिया निवासी बहादुर (35), दुर्गविजय (35), मनोज (26), सत्येंद्र (55), बजरंगी (55), विजयनारायण (25), बालचंद (60), मोहन (25), ओड़रा सलेमपुर गांव निवासी रामअवध (55), मोहन (25) का नाम शामिल है।परिवार के लोगों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
बीमार लोगों में रामअवध, मोहन और निरंकार की हालत गंभीर देखकर डाक्टरों ने उन्हें वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। लेकिन परिवार के लोगों ने इन्हें शहर के अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह, डिप्टी कमिश्वर आबकारी एसपी चौहान समेत स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई।
बाद में डीआईजी उदयशंक जायसवाल, जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी भी मौके पर पहुंच गए। चरित्र और उसके सगे भाई रामवृक्ष के घरवालों ने अंतिम संस्कार के लिए शवों को सुपुर्द करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने दोनों की मौत को स्वाभाविक बताते हुए शवों का घर वालों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
इसके अलावा जहरीली शराब से बीमार हुए लोगों में सरदौली गरथौली, बुढ़ानपुर केवटहिया निवासी बहादुर (35), दुर्गविजय (35), मनोज (26), सत्येंद्र (55), बजरंगी (55), विजयनारायण (25), बालचंद (60), मोहन (25), ओड़रा सलेमपुर गांव निवासी रामअवध (55), मोहन (25) का नाम शामिल है।परिवार के लोगों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
बीमार लोगों में रामअवध, मोहन और निरंकार की हालत गंभीर देखकर डाक्टरों ने उन्हें वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। लेकिन परिवार के लोगों ने इन्हें शहर के अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह, डिप्टी कमिश्वर आबकारी एसपी चौहान समेत स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई।
बाद में डीआईजी उदयशंक जायसवाल, जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी भी मौके पर पहुंच गए। चरित्र और उसके सगे भाई रामवृक्ष के घरवालों ने अंतिम संस्कार के लिए शवों को सुपुर्द करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने दोनों की मौत को स्वाभाविक बताते हुए शवों का घर वालों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
सुबह कोई घर तो कोई खेत में मृत पड़ा था
तलाशी लेती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
अन्य के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। मौके पर पहुंचे डीआईजी उदयशंकर जायसवाल के निर्देश पर पुलिस टीम ने अवैध शराब बनाने वालों के घर छापेमारी शुरू कर दी। पुलिस ने लोकई, योगेंद्र, चरित्र के घर छापेमारी की।
खाली 65 टिन, दो गैलेन, महुआ, गुड़ बरामद किया गया। चरित्र के घर जमीन से शराब की बू आने के कारण फोरेंसिक टीम मिट्टी का नमूना जांच के लिए ले गई है। एसपी आजमगढ़ अजय कुमार साहनी ने कहा कि घाघरा नदी के तराई क्षेत्र में घर-घर कच्ची शराब बनाकर बेची जाती है। जब-जब सूचना मिलती है पुलिस कार्रवाई करती है।
कहा कि पुलिस की कार्रवाई का परिणाम है कि एक वर्ष में इस क्षेत्र से 31 हजार लीटर शराब बरामद की गई। लेकिन पुलिस के जाते ही लोग पुन: शराब बनाने और बेचने में जुट जाते हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कच्ची शराब पीने से इनकी मौत हुई। हालांकि सही जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस शराब माफिया की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है।
उधर, डीआईजी उदयशंकर जायसवाल ने कहा कि शराब पीने से मौत की घटना गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों ने जहां शराब पी है, वहां की मिट्टी फोरेंसिक जांच के लिए भेजी गई है। घर-घर में महिला पुलिस के साथ छापेमारी की जा रही है। किसी भी कीमत पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐहतियात के तौर पर गांव में एक प्लाटून पीएसी तैनात की गई है।
खाली 65 टिन, दो गैलेन, महुआ, गुड़ बरामद किया गया। चरित्र के घर जमीन से शराब की बू आने के कारण फोरेंसिक टीम मिट्टी का नमूना जांच के लिए ले गई है। एसपी आजमगढ़ अजय कुमार साहनी ने कहा कि घाघरा नदी के तराई क्षेत्र में घर-घर कच्ची शराब बनाकर बेची जाती है। जब-जब सूचना मिलती है पुलिस कार्रवाई करती है।
कहा कि पुलिस की कार्रवाई का परिणाम है कि एक वर्ष में इस क्षेत्र से 31 हजार लीटर शराब बरामद की गई। लेकिन पुलिस के जाते ही लोग पुन: शराब बनाने और बेचने में जुट जाते हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कच्ची शराब पीने से इनकी मौत हुई। हालांकि सही जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस शराब माफिया की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है।
उधर, डीआईजी उदयशंकर जायसवाल ने कहा कि शराब पीने से मौत की घटना गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों ने जहां शराब पी है, वहां की मिट्टी फोरेंसिक जांच के लिए भेजी गई है। घर-घर में महिला पुलिस के साथ छापेमारी की जा रही है। किसी भी कीमत पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐहतियात के तौर पर गांव में एक प्लाटून पीएसी तैनात की गई है।