{"_id":"576af6634f1c1b456fb487ca","slug":"artisan-jewelry-lover-s-wife-was-shot-on-clwai","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी के प्रेमी ने सराफा कारीगर पर चलवाई थी गोली","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पत्नी के प्रेमी ने सराफा कारीगर पर चलवाई थी गोली
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 23 Jun 2016 02:04 AM IST
विज्ञापन
सराफा कारीगर पर हमले के आरोपियों के साथ जूही।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीते 16 जून को रामनगर के सराफा कारीगर मनीष सेठ को उसकी पत्नी जूही के प्रेमी जितेंद्र वर्मा के कहने पर तीन बदमाशों ने गोली मारी थी। जूही चाहती थी कि उसके और जितेंद्र के प्यार में कोई बाधक न बने। उसके कहने पर जितेंद्र ने एक लाख अस्सी हजार रुपये एडवांस देकर मनीष की हत्या की सुपारी दी थी। बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी (क्राइम) त्रिभुवन सिंह ने यह खुलासा किया। घटना में प्रयुक्त .32 बोर की अवैध पिस्टल, चार कारतूस, एक बाइक, एक स्कूटी और तीन मोबाइल बरामद कर पुलिस ने जूही
और जितेंद्र सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, बदमाशों की गोली से घायल मनीष अभी भी बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है। एसपी (क्राइम) ने बताया कि बीते गुरुवार को मनीष अस्सी स्थित दूकान से अपने घर जा रहा था। सामने घाट में बदमाशों ने उसे दो गोली मारी थी। छानबीन के दौरान क्राइम ब्रांच और लंका पुलिस को सर्विलांस की मदद से पता चला कि घटना के पहले जूही और जितेंद्र फोन पर लगातार बातचीत कर रहे थे। घटना के बाद भी यह सिलसिला बना रहा।
इसी बीच मंगलवार की रात मुखबिर ने सूचना दी कि मनीष को गोली मारने वाले तीन बदमाश सामने घाट इलाके में हैं। क्राइम ब्रांच और लंका पुलिस ने घेरेबंदी कर सामने घाट तिराहे से तीनों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी शिनाख्त भगवानपुर के श्यामधनी पासवान उर्फ पप्पू एवं दीपक उर्फ दीपू साहनी और पिशाचमोचन के सर्वेश सहाय उर्फ बबल्रू के तौर पर हुई। पूछताछ में श्यामधनी ने बताया कि जितेंद्र ने एक लाख अस्सी हजार रुपये देकर मनीष की हत्या करने को कहा था।
विज्ञापन
इस आधार पर पुलिस ने मनीष की तीमारदारी के लिए बीएचयू ट्रामा सेंटर में मौजूद जितेंद्र और जूही से पूछताछ की। पहले तो उन्होंने जुबां नहीं खोली मगर पुलिस की सख्ती पर जुर्म कबूल कर लिया। बताया कि एक-दूसरे के संपर्क में आने के बाद दोनों ने मिलकर मनीष को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। गिरफ्तारी में क्राइम ब्रांच के एसआई अतुल नारायण सिंह, ओम नरायन सिंह, विजय प्रताप सिंह, राकेश कुमार और लंका एसओ संजीव कुमार मिश्रा शामिल रहे।
सराफा कारीगर मनीष और चौक निवासी सराफा कारोबारी जितेंद्र में लंबे समय से दोस्ती थी। मनीष जिस दूकान में काम करता था, वहां के अलावा जितेंद्र से भी आर्डर लेकर जेवर बनाता था। दोस्ती के कारण मनीष के घर जितेंद्र का आनाजाना शुरू हुआ। मनीष ने जूही का परिचय जितेंद्र से कराया। इसके बाद जूही और जितेंद्र में करीबी बढ़ती गई।
ट्रामा सेंटर में भर्ती मनीष की तीमारदारी में जूही के साथ मनीष भी ट्रामा सेंटर में था। उन्हें यकीन नहीं था कि उनकी साजिश को पुलिस पकड़ पाएगी। दोनों की गिरफ्तारी के बाद मनीष ने लंका पुलिस से कहा कि उसे पत्नी और दोस्त सबने धोखा दिया, शायद उसकी किस्मत ही खराब है। उधर, पुलिस लाइन में जितेंद्र ने बताया कि जूही ने उससे कहा था कि अगर मनीष को रास्ते से नहीं हटाओगे तो वह आत्महत्या कर लेगी। वहीं, जूही ने कहा कि वह जितेंद्र से प्यार करती थी लेकिन मनीष की हत्या के लिए नहीं कहा था।
विज्ञापन
और जितेंद्र सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, बदमाशों की गोली से घायल मनीष अभी भी बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है। एसपी (क्राइम) ने बताया कि बीते गुरुवार को मनीष अस्सी स्थित दूकान से अपने घर जा रहा था। सामने घाट में बदमाशों ने उसे दो गोली मारी थी। छानबीन के दौरान क्राइम ब्रांच और लंका पुलिस को सर्विलांस की मदद से पता चला कि घटना के पहले जूही और जितेंद्र फोन पर लगातार बातचीत कर रहे थे। घटना के बाद भी यह सिलसिला बना रहा।
विज्ञापन
इसी बीच मंगलवार की रात मुखबिर ने सूचना दी कि मनीष को गोली मारने वाले तीन बदमाश सामने घाट इलाके में हैं। क्राइम ब्रांच और लंका पुलिस ने घेरेबंदी कर सामने घाट तिराहे से तीनों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी शिनाख्त भगवानपुर के श्यामधनी पासवान उर्फ पप्पू एवं दीपक उर्फ दीपू साहनी और पिशाचमोचन के सर्वेश सहाय उर्फ बबल्रू के तौर पर हुई। पूछताछ में श्यामधनी ने बताया कि जितेंद्र ने एक लाख अस्सी हजार रुपये देकर मनीष की हत्या करने को कहा था।
विज्ञापन
इस आधार पर पुलिस ने मनीष की तीमारदारी के लिए बीएचयू ट्रामा सेंटर में मौजूद जितेंद्र और जूही से पूछताछ की। पहले तो उन्होंने जुबां नहीं खोली मगर पुलिस की सख्ती पर जुर्म कबूल कर लिया। बताया कि एक-दूसरे के संपर्क में आने के बाद दोनों ने मिलकर मनीष को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। गिरफ्तारी में क्राइम ब्रांच के एसआई अतुल नारायण सिंह, ओम नरायन सिंह, विजय प्रताप सिंह, राकेश कुमार और लंका एसओ संजीव कुमार मिश्रा शामिल रहे।
सराफा कारीगर मनीष और चौक निवासी सराफा कारोबारी जितेंद्र में लंबे समय से दोस्ती थी। मनीष जिस दूकान में काम करता था, वहां के अलावा जितेंद्र से भी आर्डर लेकर जेवर बनाता था। दोस्ती के कारण मनीष के घर जितेंद्र का आनाजाना शुरू हुआ। मनीष ने जूही का परिचय जितेंद्र से कराया। इसके बाद जूही और जितेंद्र में करीबी बढ़ती गई।
ट्रामा सेंटर में भर्ती मनीष की तीमारदारी में जूही के साथ मनीष भी ट्रामा सेंटर में था। उन्हें यकीन नहीं था कि उनकी साजिश को पुलिस पकड़ पाएगी। दोनों की गिरफ्तारी के बाद मनीष ने लंका पुलिस से कहा कि उसे पत्नी और दोस्त सबने धोखा दिया, शायद उसकी किस्मत ही खराब है। उधर, पुलिस लाइन में जितेंद्र ने बताया कि जूही ने उससे कहा था कि अगर मनीष को रास्ते से नहीं हटाओगे तो वह आत्महत्या कर लेगी। वहीं, जूही ने कहा कि वह जितेंद्र से प्यार करती थी लेकिन मनीष की हत्या के लिए नहीं कहा था।