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मां ने नहीं दिए 500 रुपये तो इकलौते बेटे ने आग लगाकर दी जान
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 22 May 2017 11:10 AM IST
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आग लगाकर दी जान
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मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के पहाड़ी गांव निवासी डीरेका कर्मी हरिनाथ प्रजापति के इकलौते बेटे मंगल प्रजापति (18) ने रविवार की सुबह खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। परिवारीजन मंगल को डीरेका अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जाता है कि मंगल ने अपनी मां से पांच सौ रुपये मांगे थे। रुपये न मिलने पर उसने ये आत्मघाती कदम उठा लिया।
डीरेका में कारपेंटर पद पर तैनात हरिनाथ प्रजापति का पहाड़ी गांव में मकान है।
हरिनाथ की चार बेटियां और इकलौता बेटा मंगल था। मंगल शादियों में बिजली सजावट और डीजे का काम करता था। रविवार सुबह वह बाबा कीनाराम आश्रम से दर्शन-पूजन कर घर आया और मां गीता देवी से पांच सौ रुपये मांगे।
उसकी मां ने कहा कि अभी रुपये नहीं हैं तो मंगल ने घर के एक कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया। थोड़ी देर बाद कमरे से धुआं निकलता देख परिवारीजनोें ने शोर मचाया तो आसपास के लोग भी भाग कर मौके पर आए। दरवाजा तोड़ा गया।
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लोगों ने देखा कि मंगल आग की लपटों में घिरा हुआ था। किसी तरह आग बुझाई गई लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था। मंगल की मौत के बाद से उसकी मां गीता देवी रह-रहकर अचेत हो जा रही हैं और चारों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बताया जाता है कि मंगल ने अपनी मां से पांच सौ रुपये मांगे थे। रुपये न मिलने पर उसने ये आत्मघाती कदम उठा लिया।
डीरेका में कारपेंटर पद पर तैनात हरिनाथ प्रजापति का पहाड़ी गांव में मकान है।
हरिनाथ की चार बेटियां और इकलौता बेटा मंगल था। मंगल शादियों में बिजली सजावट और डीजे का काम करता था। रविवार सुबह वह बाबा कीनाराम आश्रम से दर्शन-पूजन कर घर आया और मां गीता देवी से पांच सौ रुपये मांगे।
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उसकी मां ने कहा कि अभी रुपये नहीं हैं तो मंगल ने घर के एक कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर लिया। थोड़ी देर बाद कमरे से धुआं निकलता देख परिवारीजनोें ने शोर मचाया तो आसपास के लोग भी भाग कर मौके पर आए। दरवाजा तोड़ा गया।
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लोगों ने देखा कि मंगल आग की लपटों में घिरा हुआ था। किसी तरह आग बुझाई गई लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था। मंगल की मौत के बाद से उसकी मां गीता देवी रह-रहकर अचेत हो जा रही हैं और चारों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।