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पीएम मोदी के काशी आगमन से पहले पकड़ा गया एयरफोर्स का फर्जी ऑफिसर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 03 Mar 2017 10:28 AM IST
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आईबी और इंटेलीजेंस के अफसरों ने घंटों की पूछताछ
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के ठीक दो दिन पहले गुरुवार को बीएचयू परिसर से फर्जी एयरफोर्स ऑफिसर पकड़ा गया। वह खुद को फ्लाइंग ऑफिसर बता रहा था। उक्त युवक बीएचयू के 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी ऑफिस में एक अफसर से मिलने पहुंचा था। शक होने पर उसका पीछा कर अधिकारियों ने एलडी गेस्ट हाउस के पास उसे पकड़ लिया।
उसके बैग से फ्लाइंग ऑफिसर का फर्जी आईकार्ड, यूनिफॉर्म सहित कुछ अन्य कागजात मिले। सूचना मिलते ही आईबी, एलआईयू समेत सेना की इंटेलिजेंस विंग के अफसर पहुंचे और युवक से घंटों पूछताछ की गई।
उसने अपना नाम सौरभ सिंह पुत्र सुशांत सिंह बताया। उसने बताया कि वो लखनऊ के निराला नगर स्थित सीतापुर रोड का रहने वाला है जबकि उसके पास मिले आधार कार्ड पर उन्नाव के माधोपुर का पता था।
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बीएचयू परिसर स्थित 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी कार्यालय में गुरुवार को सुबह नौ बजे एक युवक पहुंचा। उसने खुद को फ्लाइंग अफसर बताया और कहा कि वह पीआई सतीश कुमार से मिलने आया है। सतीश कुमार छुट्टी पर चल रहे थे, इसके बावजूद वह वहां बैठा रहा।
इस दौरान उसके बातचीत करने के तरीके और हावभाव से एनसीसी के अधिकारियों को उस पर शक हुआ। हालांकि इसी बीच वह चला गया। बताया जाता है कि उसने मोबाइल से एनसीसी ऑफिस की कुछ तस्वीरें भी खींची थीं। इस दौरान जब मास्टर वारंट अधिकारी एन. सिंह वहां पहुंचे और उन्हें युवक के संबंध में जानकारी दी गई तो उन्हाेंने फौरन उसे पकड़ने के लिए कहा। अ
धिकारियों ने उसका पीछा कर उसे एलडी गेस्ट हाउस के पास से पकड़ा। उसे एनसीसी ऑफिस लाया गया जहां खुफिया एजेंसियों के अफसरों ने उससे पूछताछ करने के बाद रात साढ़े नौ बजे के लगभग लंका पुलिस को सुपुर्द कर दिया।
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उसके बैग से फ्लाइंग ऑफिसर का फर्जी आईकार्ड, यूनिफॉर्म सहित कुछ अन्य कागजात मिले। सूचना मिलते ही आईबी, एलआईयू समेत सेना की इंटेलिजेंस विंग के अफसर पहुंचे और युवक से घंटों पूछताछ की गई।
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उसने अपना नाम सौरभ सिंह पुत्र सुशांत सिंह बताया। उसने बताया कि वो लखनऊ के निराला नगर स्थित सीतापुर रोड का रहने वाला है जबकि उसके पास मिले आधार कार्ड पर उन्नाव के माधोपुर का पता था।
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बीएचयू परिसर स्थित 7 यूपी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी कार्यालय में गुरुवार को सुबह नौ बजे एक युवक पहुंचा। उसने खुद को फ्लाइंग अफसर बताया और कहा कि वह पीआई सतीश कुमार से मिलने आया है। सतीश कुमार छुट्टी पर चल रहे थे, इसके बावजूद वह वहां बैठा रहा।
इस दौरान उसके बातचीत करने के तरीके और हावभाव से एनसीसी के अधिकारियों को उस पर शक हुआ। हालांकि इसी बीच वह चला गया। बताया जाता है कि उसने मोबाइल से एनसीसी ऑफिस की कुछ तस्वीरें भी खींची थीं। इस दौरान जब मास्टर वारंट अधिकारी एन. सिंह वहां पहुंचे और उन्हें युवक के संबंध में जानकारी दी गई तो उन्हाेंने फौरन उसे पकड़ने के लिए कहा। अ
धिकारियों ने उसका पीछा कर उसे एलडी गेस्ट हाउस के पास से पकड़ा। उसे एनसीसी ऑफिस लाया गया जहां खुफिया एजेंसियों के अफसरों ने उससे पूछताछ करने के बाद रात साढ़े नौ बजे के लगभग लंका पुलिस को सुपुर्द कर दिया।
आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज पर अलग अलग पता
एलडी गेस्ट हाउस के पास से एनसीसी के अधिकारियों ने पकड़ा
- फोटो : अमर उजाला
मास्टर वारंट अधिकारी एन. सिंह का कहना है कि युवक के पास फर्जी आईकार्ड, यूनिफॉर्म के साथ ही कुछ ऐसे कागजात मिले हैं जो सामान्य नागरिक के पास नहीं होते। इस वजह से वह संदिग्ध लग रहा है। फिलहाल ये अब तक पता नहीं चल सका है कि युवक किस मकसद से यहां आया था।
सौरभ सिंह ने बताया कि वह लखनऊ में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात खुद को एयरफोर्स का अधिकारी बताने वाले सन्नी सिंह से हुई।
सन्नी ने सौरभ को एयरफोर्स की नौकरी दिलाने की बात कही। सन्नी ने साढ़े आठ हजार रुपया लिया, 15 दिन की ट्रेनिंग के साथ ही यूनिफॉर्म और आईकार्ड दिया। सन्नी ने सौरभ को बताया था कि वह प्रशिक्षण देने के लिए अकसर बीएचयू भी जाता रहता है।
सन्नी सिंह ने ही उसे पीआई सतीश सिंह का मोबाइल नंबर दिया था।
सौरभ सिंह ने बताया कि वह लखनऊ में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात खुद को एयरफोर्स का अधिकारी बताने वाले सन्नी सिंह से हुई।
सन्नी ने सौरभ को एयरफोर्स की नौकरी दिलाने की बात कही। सन्नी ने साढ़े आठ हजार रुपया लिया, 15 दिन की ट्रेनिंग के साथ ही यूनिफॉर्म और आईकार्ड दिया। सन्नी ने सौरभ को बताया था कि वह प्रशिक्षण देने के लिए अकसर बीएचयू भी जाता रहता है।
सन्नी सिंह ने ही उसे पीआई सतीश सिंह का मोबाइल नंबर दिया था।