{"_id":"5d8140ee8ebc3e0130771c0f","slug":"crime-varanasi-news-vns484385441","type":"story","status":"publish","title_hn":"निलंबित और लाइन हाजिर पुलिसकर्मियों की कराएं जांच, देखें गतिविधियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निलंबित और लाइन हाजिर पुलिसकर्मियों की कराएं जांच, देखें गतिविधियां
विज्ञापन
वाराणसी। स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे के किनारे स्थित थानों के जो भी पुलिसकर्मी लाइन हाजिर या निलंबित हुए हैं, उनकी फिर से गोपनीय जांच कराई जाए। यह निर्देश एडीजी बृज भूषण ने जोन के सभी 10 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को दिया है। एडीजी जोन ने कहा है कि गोपनीय जांच में जिस भी पुलिसकर्मी की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो, उनके खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें रिपोर्ट भेजी जाए।
बीते नौ सितंबर की रात शराब तस्करी के आरोप में रामनगर थाने के दो सिपाहियों सहित वाराणसी जिले में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद तस्करों से बरामद की गई शराब वापस उन्हीं को बेचने और पशु तस्करी का आरोप भी रामनगर थाने के पुलिसकर्मियों पर लगा। मामला सार्वजनिक हुआ तो डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने नाराजगी जताते हुए एडीजी जोन से रिपोर्ट मांगी।
एडीजी जोन ने बताया कि सभी 10 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को कहा गया है कि स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे के किनारे स्थित थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों की गतिविधियों की नियमित निगरानी हो। पुलिस अधीक्षक पता लगाएं कि इन थानों में कौन सा सिपाही कितने वर्ष से तैनात है। हाईवे किनारे स्थित थानों के जो भी पुलिसकर्मी पशु व शराब तस्करी और भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किए गए, वह मौजूदा समय में कहां तैनात हैं और उनकी कार्यशैली कैसी है। एडीजी जोन ने कहा कि पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से संचालित गलत कार्यों की तह तक जाकर उनका सफाया किया जाएगा। साथ ही, जो भी पुलिसकर्मी दोषी मिलेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
--------
दो साल से ज्यादा समय से तैनात पुलिसकर्मी हटाए जाएंगे
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि नेशनल हाईवे के किनारे स्थित मिर्जामुराद, रोहनिया, लंका और रामनगर थाने में दो साल से ज्यादा समय से तैनात पुलिसकर्मियों को स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके तहत 15 सिपाहियों को स्थानांतरित कर दिया गया है। 45 अन्य पुलिसकर्मी भी स्थानांतरण के लिए चिह्नित किए गए हैं। इन 45 पुलिसकर्मियों में से 15 को दूसरे जनपदों में स्थानांतरित किया जाएगा।
विज्ञापन
बीते नौ सितंबर की रात शराब तस्करी के आरोप में रामनगर थाने के दो सिपाहियों सहित वाराणसी जिले में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद तस्करों से बरामद की गई शराब वापस उन्हीं को बेचने और पशु तस्करी का आरोप भी रामनगर थाने के पुलिसकर्मियों पर लगा। मामला सार्वजनिक हुआ तो डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने नाराजगी जताते हुए एडीजी जोन से रिपोर्ट मांगी।
विज्ञापन
एडीजी जोन ने बताया कि सभी 10 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को कहा गया है कि स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे के किनारे स्थित थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों की गतिविधियों की नियमित निगरानी हो। पुलिस अधीक्षक पता लगाएं कि इन थानों में कौन सा सिपाही कितने वर्ष से तैनात है। हाईवे किनारे स्थित थानों के जो भी पुलिसकर्मी पशु व शराब तस्करी और भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किए गए, वह मौजूदा समय में कहां तैनात हैं और उनकी कार्यशैली कैसी है। एडीजी जोन ने कहा कि पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से संचालित गलत कार्यों की तह तक जाकर उनका सफाया किया जाएगा। साथ ही, जो भी पुलिसकर्मी दोषी मिलेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
--------
दो साल से ज्यादा समय से तैनात पुलिसकर्मी हटाए जाएंगे
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि नेशनल हाईवे के किनारे स्थित मिर्जामुराद, रोहनिया, लंका और रामनगर थाने में दो साल से ज्यादा समय से तैनात पुलिसकर्मियों को स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके तहत 15 सिपाहियों को स्थानांतरित कर दिया गया है। 45 अन्य पुलिसकर्मी भी स्थानांतरण के लिए चिह्नित किए गए हैं। इन 45 पुलिसकर्मियों में से 15 को दूसरे जनपदों में स्थानांतरित किया जाएगा।