Varanasi News: मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर फिर बदला शवदाह का स्थान, भीड़ को रोका जा रहा; गंगा में बढ़ाव
Varanasi News: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अब पानी के रास्ते शवों को नहीं लाया जा रहा है।
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हरिश्चंद्र घाट पर भी गलियों में शवदाह करने की व्यवस्था कर दी गई है। भीड़ का दबाव कम करने के लिए सड़कों पर ही लोगों को रोक दिया जा रहा है। वहीं, गंगा के बढ़ाव को लेकर दो दिन पहले नौकायन और एक दिन पहले एनडीआरएफ के नाव को भी रोक दिया गया था।
चंदौली, भदोही, मिर्जापुर में भी बाढ़ के हालात
बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने की वजह गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। वाराणसी में जलस्तर बृहस्पतिवार को चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया। इससे 84 घाटों की सीढि़यां और प्लेटफॉर्म डूब गए। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर शवों का दाह संस्कार गलियों में हो रहा है।
मणिकर्णिका घाट पर दाह संस्कार की लंबी वेटिंग भी है। वरुणा के तटवर्ती इलाकों में पलायन शुरू हो गया है। दूसरी तरफ बलिया में गंगा जलस्तर लाल निशान कर गया है। गाजीपुर भी गंगा चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही है। चंदौली, भदोही, मिर्जापुर में भी बाढ़ के हालात हैं।
खेतों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इससे धान की फसल चौपट हो गई। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 8 अगस्त की तुलना में सभी जिलों में गंगा का जलस्तर 50 से 177 सेंटीमीटर ज्यादा है।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक मिर्जापुर में 0.25 सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। भदोही में जलस्तर 77.230 मीटर पहुंच गया। हालांकि जलस्तर बढ़ने की रफ्तार धीमी हो गई है। अब भी दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है।
भदोही में गंगा खतरे के निशान 81.40 से गंगा चार मीटर नीचे हैं। वाराणसी में बृहस्पतिवार को देर शाम गंगा का जलस्तर 69.10 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी है।
गाजीपुर में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 62.105 मीटर को पार कर 62.140 मीटर पर पहुंच गया है। गुरुवार को जलस्तर में प्रति घंटे तीन सेमी बढ़ाव दर्ज किया गया।
बलिया में गुरुवार की सुबह गंगा खतरे के निशान (लाल निशान) 57.615 मीटर को पार कर गई। इससे पूरे क्षेत्र में खलबली है। यहां जलस्तर में प्रति घंटे छह सेमी की दर से बढ़ाव बना हुआ है। तटवर्ती और शहर के निचले इलाकों में पानी भरने के साथ पानी कटहल नाले के रास्ते ताल में जाने लगा है।