Covid-19 : बनारस में फिर तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, 7 दिन में नए मरीजों का आंकड़ा 100 के पार, सावधानी जरूरी
वाराणसी जिले में कोरोना फिर एक बार रफ्तार पकड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण के मामलों में काफी इजाफा हो रहा है। रविवार को ही 18 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
विस्तार
वाराणसी जिले में कोरोना का संक्रमण एक बार फिर बढ़ने लगा है। हालत यह है कि पिछले एक सप्ताह में ही 100 से अधिक नए मरीज मिल चुके हैं। संक्रमण के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट के साथ ही अस्पताल जाने वाले लोगों से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की जा रही है।
राहत की बात यह है कि इस समय जिन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो रही है, उनमें कोरोना संक्रमण का ज्यादा प्रभाव नहीं दिख रहा है। इसको देखते हुए ही चिकित्सकों की ओर से लोगों को सजग, सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
संक्रमण दर 0.57 प्रतिशत पहुंचा
स्वास्थ्य विभाग को रविवार को मिली 3173 सैंपल की रिपोर्ट में 18 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके बाद संक्रमण दर 0.57 प्रतिशत पहुंच गया। होम आईसोलेशन में भी 14 लोगों का स्वस्थ घोषित किया गया। इसके बाद अब जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 88 तक पहुंच गई है।
हमेशा याद रखें कोविड प्रोटोकॉल
आईएमए सचिव डॉ.आरएन सिंह ने कहा कि लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते रहने की जरूरत है। भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने पर मास्क लगाने, दो गज की दूरी का पालन करने से संक्रमण का खतरा कम रहेगा।
एक सप्ताह में मरीजों का आंकड़ा
- 19 जून 18
- 18 जून 24
- 17 जून 17
- 16 जून 14
- 15 जून 11
- 14 जून 12
- 13 जून 6
तेजी से घट रही एंटीबॉडी, संक्रमण का खतरा बढ़ा
कोरोना के बढ़ रहे संक्रमण के बीच बीएचयू के जीव विज्ञानी प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे का कहना है कि पहले कोरोना वैक्सीन लगवा चुके लोगों के शरीर में अब एंटीबॉडी कम होने लग रही है। संक्रमण बढ़ने की एक बड़ी वजह यह है। बताया कि पिछले दिनों कराए गए सीरो सर्विलांस के जो आंकड़े सामने आए हैं, वह भी बेहद चौकाने वाले हैं।
इसके तहत टीका लगवाने वालों के शरीर में 90 दिन यानी तीन महीने में एंटीबॉडी कम हो रही है। ऐसे में संक्रमित होने की संभावना बढ़ जाती है। जो लोग पहले से संक्रमित हो चुके हैं, ऐसे लोगों में दुबारा संक्रमण ज्यादा गंभीर नहीं होता है। प्रो. चौबे ने बताया कि देश में अभी ओमिक्रान के वैरियंट बीए.2 व बीए2.38 ही मिले हैं। लोगों को समय से वैक्सीन लेने के साथ ही कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की जरूरत है। खतरा उसको अधिक है, जिन्होंने वैक्सीन नहीं लिया गया।