IIT BHU के पूर्व निदेशक समेत तीन तलब: नियुक्ति में धांधली का आरोप, बीएचयू रजिस्ट्रार और उनकी पत्नी भी शामिल
कोर्ट ने सभी को 28 जनवरी के लिए तलब किया है, जिसमें आईआईटी बीएचयू के पूर्व निदेशक, बीएचयू रजिस्ट्रार और उनकी पत्नी भी शामिल हैं। इन पर नियुक्ति में धांधली, कूट रचना, फर्जीवाड़े का आरोप है।
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वाराणसी में विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने एक परिवाद पर सुनवाई के बाद बीएचयू के रजिस्ट्रार नीरज त्रिपाठी, उनकी पत्नी उषा त्रिपाठी व आईआईटी बीएचयू के पूर्व निदेशक प्रो. एसएन उपाध्याय को सम्मन जारी किया है। सभी को बतौर आरोपी 28 जनवरी के लिए तलब किया है। अदालत ने रजिस्ट्रार की पत्नी उषा त्रिपाठी की बीएचयू में नियुक्ति कराने के लिए की गई धांधली, कूट रचना व फर्जीवाड़ा को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए धोखाधड़ी के तहत यह आदेश दिया है।
कोर्ट ने गुरुवार को परिवाद पर सुनवाई करते हुए आदेश जारी किया, जो आजमगढ़ जिले के देवरी के खुंभा निवासी और अधिवक्ता, आरटीआई कार्यकर्ता हरिकेश बहादुर सिंह की ओर से दाखिल की गई थी।
प्रकरण में बीते वर्ष भी इन आरोपियों के खिलाफ सम्मन जारी हुआ था, लेकिन खिलाफ सत्र अदालत में निगरानी याचिका दाखिल हो गई थी। जिस पर कोर्ट ने आरोपियों को राहत देते हुए लोवर कोर्ट को बीएचयू द्वारा की गई जांचों को संज्ञान में लेकर फिर से सुनवाई करने का आदेश दिया था। जिस पर वादी एवं परिवादी पक्ष की दलीलें सुनने के बाद विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपियों की तरफ से प्रस्तुत की गई प्रो. डीपी वर्मा व जस्टिस कलीमुल्लाह की जांच रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया। गुरुवार को इस मामले में रजिस्ट्रार नीरज त्रिपाठी पर कुछ धाराएं बढ़ाते हुए तीनों आरोपियों को फिर से सम्मन जारी किया। परिवादी की तरफ से अधिवक्तागण संतोष कुमार मौर्य, भूपेंद्र प्रताप सिंह व सत्यम सिंह ने पक्ष रखा।