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मुन्ना बजरंगी मामले में कोर्ट ने आईजी जेल से मांगी रिपोर्ट, हत्या की साजिश का लगाया है आरोप

Fri, 11 May 2018 10:55 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 11 May 2018 10:55 AM IST
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Court order for report against munna bajrangi case
मुन्ना बजरंगी - फोटो : file photo
झांसी जेल में निरुद्ध मुन्ना बजरंगी की ओर से कथित हत्या की साजिश रचने के आरोप पर कोर्ट ने गंभीर रुख अख्तियार किया है। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मोहम्मद गुलाम उल मदार की कोर्ट(वाराणसी) ने इस मामले में कारागार प्रशासन के महानिरीक्षक को पत्र लिखा है।
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कोर्ट ने कहा कि बीते नौ मई को पत्र प्रेषित कर प्रकरण की रिपोर्ट तलब कर और जांच कराकर वस्तु स्थिति से अवगत कराने को कहा गया था। इस प्रकरण में फिर आपसे अपेक्षा की जाती है कि नौ मार्च को प्रात: छह बजे से शाम छह बजे तक और एक मई को शाम पांच से रात 10 बजे तक की सीसीटीवी फुटेज व बंदी कमलेश का बयान अंकित कर एसटीएफ  कर्मी एवं एएसपी के कारागार में प्रवेश संबंधी अधिकृत पत्र का अवलोकन कर तथ्यों से न्यायालय को 23 मई को अवगत कराएं।
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पढ़ेंः मुन्ना बजरंगी ने कोर्ट से लगाई गुहार, UP पुलिस करना चाहती है मेरा एनकाउंटर
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कोर्ट ने पत्र में कहा है कि दोहरे हत्याकांड के आरोपी मुन्ना बजरंगी के अधिवक्ता शशिकांत राय चुन्ना और अनुज यादव की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया कि नौ मार्च को एसटीएफ  के दो जवान झांसी कारागार में गए।

निरुद्ध कुछ बंदियों को साजिश में लेकर आरोपी बजरंगी की हत्या कारागार के अंदर ही उसके भोजन में विषाक्त पदार्थ मिलाकर या अन्य तरीके से करने की योजना बनाई और बंदी कमलेश से मिले।

बजरंगी को स्वस्थ घोषित करो, उसे बाहर ले जाना है

Court order for report against munna bajrangi case
मुन्ना बजरंगी
एसटीएफ  के जवानों के कारागार में आने-जाने की फोटो अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। कारागार से कोर्ट द्वारा मांगी गई आख्या में स्वीकार किया गया कि एसटीएफ कानपुर के इंस्पेक्टर घनश्याम यादव आए किंतु सीसीटीवी फुटेज नहीं भेजा गया।

मेडिकल बोर्ड ने आरोपी की जांच 30 अप्रैल को की और कहा कि स्वास्थ्य ठीक नही है। इसके बावजूद एक मई को एएसपी झांसी अपने साथ एक डॉक्टर लेकर आए और दबाव बनाए कि आरोपी बजरंगी को स्वस्थ घोषित करो, उसे बाहर ले जाना है।

एएसपी के आने का भी सीसीटीवी फुटेज है। आरोपी की हत्या का प्रयास किए जाने और सीसीटीवी फुटेज को डिलीट करने का अंदेशा जताया गया। बंदी कमलेश का बयान दर्ज करने, एसटीएफ  के जवान और एएसपी किसके आदेश से कारागार में गए, इन सभी की रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया।
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