कफ सिरप केस: सात और फर्मों के लाइसेंस हुए निरस्त, एक माह में सिर्फ छह गिरफ्तारियां; 32 को नहीं खोज सकी एसआईटी
Varanasi News: कफ सिरप के मामले में वाराणसी में सात और फर्मों के लाइसेंस निरस्त हुए। वहीं कोडिन युक्त कफ सिरप के मामले की जांच की प्रक्रिया जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे ही चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
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कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में सात और फर्मों के लाइसेंस शनिवार को निरस्त कर दिए गए। इससे पहले 12 फर्मों के लाइसेंस निरस्त किए गए थे। यह कार्रवाई सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की तरफ से की गई है। कफ सिरप की खरीद-बिक्री में गड़बड़ी का खेल रांची, बिहार, झारखंड के साथ ही पूरे पूर्वांचल में चला है। शैली ट्रेडर्स की ओर से बनारस में 100 फर्म को सिरप की सप्लाई की गई थी। जांच की प्रक्रिया जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे ही चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। ड्रग विभाग की ओर से 42 फर्मों पर प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। सहायक आयुक्त पीसी रस्तोगी ने बताया कि सभी को नोटिस जारी कर रिकॉर्ड मांगा गया था, लेकिन जवाब नहीं मिला। इस वजह से लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।
अब तक पकड़ में नहीं आए हैं 32 आरोपी
कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले में कमिश्नरेट पुलिस की गठित एसआईटी एक महीने में सिर्फ छह आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी है। 32 आरोपी अब तक पकड़ में नहीं आए हैं। शैली ट्रेडर्स और वृद्धि फार्मा का कर्ताधर्ता 25 हजार का इनामी शुभम जायसवाल और 25 हजार का इनामी रोहनिया के भदवर काशीपुर का प्रधान प्रतिनिधि महेश सिंह भी शामिल है।
सूजाबाद के गोदाम से 60 लाख का कफ सिरप बरामद होने के मामले में मेसर्स सिंडिकेट औसानगंज निवासी मनोज यादव, बेटा लक्ष्य यादव, राहुल यादव, खोजवा के दिवेश जायसवाल, घनश्याम, अंकुश सिंह, प्रशांत उपाध्याय, पूजा तिवारी समेत 32 आरोपियों को एसआईटी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। 20 फर्म के प्रोपराइटरों ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी भी डाल रखी है। ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने 16 नवंबर को 28 फर्म के खिलाफ कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
19 नवंबर को रोहनिया के भदवर में जिम के नीचे दो करोड़ का कफ सिरप बरामद हुआ। गोदाम के केयर टेकर आजाद जायसवाल की गिरफ्तारी हुई और मालिक महेश सिंह भाग निकला। रोहनिया पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। इसके बाद महेश सिंह और शुभम पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया।
इन आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी
कफ सिरप मामले में भी तक एसआईटी के हाथ कोई भी बड़ा आरोपी हाथ नहीं लगा है, जितनी भी गिरफ्तारियां हुई, उसमें केयर टेकर और छोटे फर्म पर काम करने वाले गिरफ्त में आए। बड़े कारोबारियों के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं है।
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कोलकाता, उत्तराखंड, दिल्ली और अन्य राज्यों को ठिकाना बनाए आरोपियों के परिजन अग्रिम जमानत की अर्जी डाल रहे हैं। शुभम ने 15 दिसंबर तक हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा था। हालांकि अब अर्जी निरस्त हो चुकी है। शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार किया था।