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वाराणसी में कोरोना का कहरः बेटे को ऑटो में लेकर चक्कर काटती रही मां, नहीं बच सकी जान

Tue, 20 Apr 2021 05:20 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 20 Apr 2021 05:20 PM IST
सार

सोमवार को वाराणसी से सटे जौनपुर के मडियाहू निवासी एक मां अपने जवान बेटे विनीत को ऑटो में लेकर असपतालों के चक्कर काटती रही। पहले वह बीएचयू, फिर ककरमता स्थित निजी अस्पताल गई। दोनों जगहों पर इलाज नहीं मिला।

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coronavirus varanasi mother wander hospital to hospital keeping her covid positive son in e rikshaw but system failed her, son died without treatment
बेटे को इलाज देने के लिए जाती मां, नहीं बच सकी जान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना काल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के प्रशासन की तरफ से लाख दावे हो रहे हों, लेकिन मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। सोमवार को वाराणसी से सटे जौनपुर के मडियाहू निवासी एक मां अपने जवान बेटे विनीत को ऑटो में लेकर असपतालों के चक्कर काटती रही।

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पहले वह बीएचयू, फिर ककरमता स्थित निजी अस्पताल गई। दोनों जगहों पर इलाज नहीं मिला। आखिरकार बेटे की मौत भी हो गई। इसके बाद बेबस मां बेटे को लेकर रोती बिलखती घर चली गई। मां के मुताबिक वह बेटे को लेकर सर सुंदरलाल चिकित्सालय पहुंची, जहां लोगों ने बेटे को अस्पताल में लेने से इनकार कर दिया, उसके बाद वह ककरमत्ता स्थित पॉपुलर अस्पताल पहुंची।
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वहां भी इलाज नहीं मिला और बेटे ने वहीं दम तोड़ दिया। मां ने बताया कि पुत्र को किडनी की समस्या थी। पीड़ित मां ने बताया कि अगर बेटे को समय से इलाज मिल गया होता तो जान बच जाती।

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रेमडेसिविर इंजेक्शन का संकट बरकरार, मरीजों को इंतजार

कोविड अस्पताल में भर्ती संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन का संकट जारी है। वार्ड में मरीज के परिजन भागदौड़ कर रहे हैं, लेकिन लाख प्रयास के बाद भी समस्या दूर नहीं हो सकी। सीएमओ ऑफिस से कंट्रोल रूम तक बस एक ही जवाब कि इंजेक्शन नहीं है, जब आएगा तो संबंधित अस्पताल को भिजवाया जाएगा।

कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सकों के साथ ही अब आम चिकित्सक भी रेमडेसिविर इंजेक्शन लिख रहे हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यवस्था भी बनी है कि कोविड हास्पिटल को भर्ती मरीजों की संख्या के आधार पर इंजेक्शन दिया जाएगा।

वहीं सुबह 10 बजे जैसे ही सीएमओ ऑफिस खुला तो परिजन अस्पताल के लेटर हेड पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत लेकर पहुंचे। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने लोगों को इंजेक्शन न होने की जानकारी दी। इसके बाद बहुत से लोग कार्यालय के मेन चैनल गेट पर खड़े रहे। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने लोगों को समझाकर किसी तरह वापस भेजा।

गंभीर मरीजों को ही इंजेक्शन की जरूरत 
रेमडेसिविर इंजेक्शन केवल गंभीर मरीजों के लिए डॉक्टर की सलाह पर लगाया जाता है। बहुत से लोग खुद भी इंजेक्शन लगवाने के लिए इसको खरीदने के लिए परेशान हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के इंजेक्शन लेने का शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। -डॉ. एके मौर्या, एडिशनल सीएमओ

बिना सलाह इंजेक्शन लेने का शरीर पर पड़ता है दुष्प्रभाव 
कोरोना के सभी मरीजों को रेमडेसिविर की जरूरत नहीं होती है। इसको लगवाने से पहले लीवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए। बिना सलाह इंजेक्शन लेने से उसका असर किडनी पर पड़ता है।-डॉ. एनपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष, आईएमए

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