कोरोना वायरस के बीच चेतावनी; 'कल से बंद कर सकते हैं 108 और 102 एंबुलेंस सेवा'
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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जीवन दायिनी संघ के आह्वान पर एक अप्रैल से 108 व 102 एंबुलेंस के वाहन चालक और पैरामेडिकल स्टाफ सामूहिक इस्तीफा देकर काम बंद कर सकता है। संघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार को 31 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया है। अगर एंबुलेंस चालक व पैरामेडिकल स्टाफ वाहन को खड़ा कर देते है तो लॉकडाउन के दौरान गंभीर मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार 108 व 102 एंबुलेंस के चालक और पैरामेडिकल स्टाफ को दो माह से मानदेय नहीं मिला है। जिनके सामने भूखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है। एंबुलेंस चालकों ने पूर्व में ही बकाए मानदेय के लिए अल्टीमेटम दे दिया था। लेकिन शासन प्रशासन ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया।
इससे मजबूर होकर एंबुलेंस चालकों व पैरामेडिकल स्टाफों ने एंबुलेंस सेवा ठप करने का निर्णय लिया गया। अगर कल से एंबुलेंस सेवा ठप हो जाती है तो जनपद में स्वास्थ्य समस्या विकराल रूप धारण कर सकती है। एक तरफ कोरोना को लेकर शासन प्रशासन परेशान है, वहीं दूसरी तरफ एंबुलेंस चालक सेवा ठप करने की चेतावनी दे चुके है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास अन्य कोई सुविधा नहीं है। संघ ने सरकार से दो माह का बकाया मानदेय और पीपीई किट मुहैया कराने की मांग की है। अगर उनकी मांग पूरी नहीं की जाती है तो एक अप्रैल से एंबुलेंस सेवा हो सकती है। वहीं अप्रैल से अपना काम बंद कर सामूहिक रूप से त्याग पत्र सेवा प्रदाता कंपनी जीवीके को सौंप देंगे। जिसकी जिम्मेदारी सेवा प्रदाता कंपनी की होगी।
एंबुलेंस यूनियन कमेटी के जिलाध्यक्ष रामपाल चौधरी ने बताया कि दो माह से एंबुलेंस चालकों व पैरामेडिकल स्टाफों को मानदेय नहीं मिला है। जिससे हम लोगों का परिवार भूखमरी के कगार पर पहुंच गया है। इसके अलावा कोरोना मरीजों को लाने व ले जाने के लिए कोई सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उन्हें भी संक्रमण की आशंका हमेशा बनी रहती है। अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो एक अप्रैल से सेवा ठप कर अपना इस्तीफा सौंप देंगे।
108 व 102 एंबुलेंस के जिला समन्यवक रविशंकर शर्मा ने बताया कि देशहित में सेवा करना पहली प्राथमिकता है हड़ताल नहीं। बकाया केवल चालक, पैरामेडिकल स्टाफ का ही नहीं है, इससे जुड़े सभी लोगों का है तो क्या हम इस आई विपदा में सेवा देना बंद कर देंगे। किसी प्रकार की कोई हड़ताल नहीं होगी, पूरा स्टाफ पूर्व की भांति कार्य संपादित करेगा।