वाराणसी पहुंचे 1300 परदेशी, सभी को किया गया क्वारंटीन, सीमाएं सील
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चार साल पहले रोजी रोटी की तलाश में दिल्ली गए गोविंद ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसे घर वापसी के लिए सांसों को दांव लगाना पड़ेगा। पिंडरा बस अड्डे पर पहुंचते ही बोला, अपना घर छोड़कर भूल की थी, परदेस में अच्छे लोग नहीं हैं।
दिल्ली सहित अन्य शहरों से सोमवार को बनारस पहुंचे ज्यादातर लोगों के चेहरे पर घर वापसी की खुशी थी। राजातालाब बस अड्डे पर पहुंचे दरेखु के राम गोपाल ने बताया कि दिल्ली में हम लोगों को खबर की गई कि बसें यूपी जा रही हैं। इसी के बाद बॉर्डर पर पहुंच गए। वहां तो कई घंटे बिना भोजन और पानी के बिताया। भला हो यूपी सरकार का जो हम भूखे मरने से पहले दूत के रूप में अपने अधिकारी को भेज दिया।
फिलहाल, पूर्वाचल के अन्य जिलों के लोगों को बसों से रवाना किया गया। सोमवार को बनारस की सीमाएं सील कर दी गई हैं और पैदल चलने वालों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
पिंडरा और राजातालाब बस अड्डे पर सोमवार दोपहर तक 22 बसों से 1335 लोग पहुंचे। इसमें बनारस के 339 लोगों को अलग अलग कोरन्टीन सेंटर में होम कोरन्टीन किया गया है। बाकी लोगों को 17 बसों से अलग जिलों के लिए रवाना किया गया।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि जिले की सीमाएं सील कर दी गईं हैं। बाहर से पहुंचे बनारस के लोगों को 14 दिन प्रशासन की ओर बनाए गए सेंटर में निगरानी में रखे जाएंगे। किसी भी व्यक्ति को बनारस से बाहर जाने की अनुमति नहीं हैं। किसी तरह की अफवाह फैलाने वाले से सख्ती से निपटा जाएगा।