कोरोना के योद्धा: मरीजों से नजदीकियों ने बढ़ाईं घर से दूरियां, 'मरीजों के ठीक होने से बढ़ रहा उत्साह'
कोरोना के संक्रमण पूरे देश में कहर बरपा रहा है, लेकिन डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टॉफ के हौसलों के आगे वह नहीं टिक पा रहा है। डॉक्टरों की सेवा भाव के आगे कोरोना वायरस भी घुटना टेकने को मजबूर है। स्वास्थ्य टीम के इस जज्बे से मरीजों का डर भी खत्म हो रहा है और वह जल्दी स्वस्थ भी हो रहे हैं।
इस लड़ाई में सबसे बड़ी भूमिका डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की है। उनकी जितनी सराहना की जाए, कम है। अमर उजाला के कोरोना के योद्धा कॉलम में आरबीएसके हरहुआ के नोडल मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर अब्दुल जावेद और जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. राहुल सिंह कहते हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग ही एक ऐसा हथियार है, जिससे कोरोना के संक्रमण को हराया जा सकता है।
वाराणसी जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. राहुल सिंह का कहना है कि पिछले 14 मार्च से क्वारंटीन सेंटर परमानंदपुर में सेवा चल रही है। यहां के बाद कोविड हॉस्पिटल परिसर स्थित कार्यालय में जाकर वहां का काम भी निपटाना पड़ता है।
एक साथ दो-दो जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में कभी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। हां इतना जरूर है कि मरीजों से नजदीकियां बढ़ती जा रही है और घर वाले दूर होते जा रहे हैं। यह सुरक्षा के लिहाज से ठीक भी है। इसका कोई मलाल नहीं है, बल्कि जैसे-जैसे मरीज फिट होकर घर जा रहे हैं, उससे उत्साह दोगुना हो जाता है।
इसके साथ ही क्वारंटीन सेंटर से भी एक-एक मरीज जब घर के लिए निकलते हैं तो जो खुशी होती है उसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। उनका कहना है कि संक्रमण का खतरा घर वालों को कम हो इसलिए जितना देर घर रहता हूं उतना देर क्वारंटीन रहता हूं। नीचे अलग कमरे में ही सोता हूं। इस बीमारी से बचने को सबसे अच्छा तरीका है, बिना जरूरत के घर से बाहर नहीं निकलें।