पर्यटन कारोबार पर कोरोना की मार, चीनी पर्यटकों के 90 दलों ने 30 मार्च तक निरस्त किया सारनाथ का टूर
काशी की कला संस्कृति को करीब से निहारने और प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थल सारनाथ में शीश नवानेे के लिए आने वाले चीनी पर्यटकों के कदम कोरोना वायरस ने रोक दिए हैं। 27 जनवरी से 18 फरवरी तक चीन की उड़ान भी रद्द है। वहीं, सरकार की ओर से 15 फरवरी तक चीन के यात्रियों के वीजा पर भी रोक लगा रखी है। कोरोना के प्रभाव को देखते हुए यह प्रतिबंध आगे बढ़ने का अनुमान जताया जा रहा है।
फिलहाल, काशी सहित बौद्ध गया भ्रमण पर आने वाले चीन के पर्यटकों के 90 दलों ने 30 मार्च तक की बुकिंग निरस्त करा दी है। कोरोना का असर वियतनाम और हांगकांग के पर्यटकों पर भी पड़ा है। वियतनाम के पर्यटकों ने भी काशी के लिए मार्च की बुकिंग निरस्त कराई है। टूर एंड ट्रेवेल्स एजेंटों का कहना है कि पर्यटकों के नहीं आने से पर्यटन उद्योग पर खासा असर पड़ रहा है।
लाखों की लगी चपत
चीन के 90 पर्यटक दलों के नहीं आने से लाखों की चपत लगी है। एक दल में 25 से 30 सदस्य होते हैं। इनके आने पर एसी बस, वस्त्र उद्योग, होटल, हस्तशिल्प और टूर-ट्रेवेल्स वालों की अच्छी आय होती है।
सारनाथ से गया तक घूमते हैं
चीन से आने वाले पर्यटक मुख्यतया सारनाथ में बौद्ध स्थल का भ्रमण करते हैं। यहां से वह बौद्ध गया, नालंदा, वैशाली, कुशीनगर, लुंबिनी, वाराणसी, लखनऊ, सनकस्या, आगरा होकर दिल्ली रवाना होते हैं। कुछ चीनी पर्यटक नई दिल्ली से आगरा, जयपुर और लखनऊ होकर वाराणसी पहुंचते हैं।
मार्च में आने वाले चीन के पर्यटकों के 90 दलों ने बुकिंग निरस्त करा दी है। 30 मार्च तक सभी बुकिंग निरस्त हो गई हैं। 26 जनवरी के बाद से एक भी उड़ान चीन की ओर से नई दिल्ली नहीं पहुंची। इससे पर्यटन कारोबार पर गहरा असर पड़ा है।
अबिद मोहिनुद्दीन, एजेंट, टूर एंड ट्रेवेल्स
कई देशों के पर्यटक पूछताछ कर रहे हैं। चीन और जापान से जाने वाले पर्यटकों को दुबई का टूर दिया जा रहा है। पहले चीन की बुकिंग थी, लेकिन उसे बदलकर दुबई और थाईलैंड आदि देशों का पैकेज दिया जा रहा है।
सुधांशु सक्सेना, एजेंट, टूर एंड ट्रेवेल्स
चीन से पिछले साल आए पर्यटक
- जनवरी 1323
- फरवरी 2759
- मार्च 3582
- अप्रैल 1320
- मई 213
- जून 822
- जुलाई 773
- अगस्त 667
- सितंबर 976
- अक्तूबर 953
- नवंबर 1230
- दिसंबर 2987
- कुल 17805