फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Corona crisis: tourism industry devastated by second wave, businessmen plead for financial help from the government

कोरोना संकट: दूसरी लहर से तबाह हुआ पर्यटन उद्योग, कारोबारियों की सरकार से आर्थिक मदद की गुहार

Tue, 08 Jun 2021 06:41 PM IST
हरि User न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: हरि User Updated Tue, 08 Jun 2021 06:41 PM IST
सार

टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन कार्यकारिणी सदस्यों ने वर्चुअल बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री को अपनी मांगों से संबंधित एक पत्रक भेजा। कहा, पर्यटन को उद्योग का दर्जा तो मिला लेकिन वो सुविधा नहीं मिल पा रही जो उद्योगों को मिलती है।
 

विज्ञापन
Corona crisis: tourism industry devastated by second wave, businessmen plead for financial help from the government
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन (टीडब्ल्यूए) कार्यकारिणी सदस्यों की वर्चुअल बैठक मंगलवार को हुई। इसमें वाराणसी के कारोबारियों ने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई। इस दौरान कारोबारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री को अपनी मांगों से संबंधित एक पत्रक भी भेजा।

विज्ञापन


संस्था के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर से पर्यटन उद्योग को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। पर्यटन उद्योग पिछले साल कोरोना महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुआ था, इस साल फरवरी व मार्च से देसी पर्यटकों का आवागमन लगभग 10 से 15 प्रतिशत शुरू हुआ। मार्च में “पर्यटन पथ-काशी 2021” का आयोजन उत्तर प्रदेश पर्यटन द्वारा कराया गया। इससे पर्यटन उद्योग को काफी बल मिला। वहीं अप्रैल, मई व जून में ही बुकिंग में बढ़ोतरी भी देखी गई लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने एक बार फिर शुरू हुए पर्यटन उद्योग पर ब्रेक लगा दिया। इस बार के झटके से पर्यटन उद्यमियों को उबरने में काफी दिक्कत हो रही है। कई ने तो दूसरे व्यवसाय की तरफ देखना शुरू कर दिया है। बनारस में बहुत ट्रेवेल एजेंटों ने अपनी गाड़ियां भी बेच दी है।
विज्ञापन


पर्यटकों को घूमने के लिए प्रोत्साहित करना होगा

महामंत्री प्रदीप राय ने कहा कि पर्यटन इकाइयों पर आने वाले दो वित्तीय वर्षों के लिए टैक्स हॉलिडे दिया जाए और पर्यटन उद्योग को जीएसटी व अन्य में छूट मिले। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में देसी पर्यटकों को घूमने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। जैसे, उनको एक वित्तीय वर्ष में पचास हजार तक के घूमने के खर्च को आयकर छूट दी जा सकती है। जो भी खर्च यात्रा में हो, उसे आय में न मानकर टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाए। अभी ट्रेवेल बुकिंग पर पांच प्रतिशत जीएसटी है, जिसे अगले कुछ वर्षों तक छूट के दायरे में लाकर टैक्स फ्री किया जाए।

एक साल तक टैक्स में छूट की मांग

संस्था के उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह व शैलेंद्र सिंह ने कहा कि पर्यटक गाड़ियों का पर्यटन विभाग द्वारा चिन्हित कर पंजीकृत ट्रेवेल एजेंटों के वाहनों को दो वर्षों की टैक्स में छूट दी जाए। वहीं कोषाध्यक्ष संतोष सिंह व वरिष्ठ सदस्य संतोष सिंह ने उत्तर प्रदेश पर्यटन में पंजीकृत होटलों व अन्य टूरिज्म इकाइयों को प्रॉपर्टी टैक्स व वॉटर टैक्स में कम से कम एक साल की छूट देने की मांग की। 



बैठक में वरिष्ठ सदस्य मयंक अग्रवाल, संजय रामानंद ने कहा कि प्रदेश के हस्तकला व काशी के हस्तनिर्मित वस्त्र को पांच साल के लिए जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाए। आने वाला समय हस्तशिल्प के लिए चुनौती भरा है। पर्यटक काशी आते हैं तो यहां का हस्तशिल्प व हस्तनिर्मित वस्त्र जरूर लेते है। अगर इन चीजों पर कोई टैक्स नहीं होगा तो पर्यटक प्रोत्साहित होंगे। इससे काशी के हस्तकला उद्योग को भी राहत मिलेगी।

विज्ञापन

वहीं होटल उद्योग के बिजली बिल को उद्योग के दायरे में लाकर वही छूट दी जाए जो उद्योगों को मिल रही है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा तो मिला लेकिन वो सुविधा नहीं मिल पा रही जो उद्योगों को मिलती है। इस संकट के दौर में होटल पर बिजली बिल के फिक्स्ड चार्ज व न्यूनतम चार्ज में छूट देने से होटलों को काफी राहत मिलेगी। सदस्यों ने टूरिस्ट गाइड व टूरिस्ट ड्राइवर को आर्थिक सहयोग की भी मांग की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed