यूपी: गैर इरादतन हत्या में दोषी को चार माह की सजा, आत्महत्या को उकसाने में चार पर केस; दो हजार रुपये अर्थदंड
वाराणसी में दो अलग-अलग मामलों में अदालत और पुलिस की कार्रवाई सामने आई है। सारनाथ के 2011 के गैर इरादतन हत्या मामले में सुड्डू कहार को चार माह की सजा सुनाई गई। वहीं, लंका क्षेत्र में आयुष वर्मा को कथित आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में कोर्ट के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई।
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सारनाथ थाने में वर्ष 2011 में दर्ज गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने सुड्डू कहार को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट की अदालत ने दोषी को चार महीने के साधारण कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने सुड्डू कहार को दोषसिद्ध माना।
उधर, लंका थाना क्षेत्र के भगवानपुर में आयुष वर्मा को कथित तौर पर मानसिक उत्पीड़न और धमकी देकर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मृतक की मां मधुमिता की तहरीर पर सुष्मिता, उसके भाई, भाभी और मां को आरोपी बनाया गया है।
तहरीर के मुताबिक आयुष की सोशल मीडिया के माध्यम से कलकत्ता निवासी सुष्मिता से करीब चार साल से दोस्ती थी। दोनों शादी करना चाहते थे। आरोप है कि सुष्मिता और उसके परिजन शादी के लिए आयुष से बैंक बैलेंस दिखाने की मांग करते थे। बाद में सुष्मिता ने शादी से इन्कार करते हुए किसी अन्य युवक को पसंद करने की बात कही।
आरोप है कि सुष्मिता, उसके भाई और भाभी ने फोन करने पर आयुष को पुलिस में शिकायत कर जेल भिजवाने की धमकी दी। इससे आयुष मानसिक दबाव में आ गया। परिजनों के अनुसार, 14 सितंबर 2025 की रात उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले में लंका पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।