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Varanasi News: जहां विवेकानंद ने बिताए थे जीवन के आखिरी दिन, वहीं दीवार पर छिड़ा विवाद

Sat, 05 Sep 2026 01:50 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 01:50 AM IST
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Controversy erupts over the wall where Vivekananda spent his last days
अधिवक्ताओं ने रोका काम, संरक्षण के स्वरूप के लिए दो घंटे चला मंथन
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संवाद न्यूज एजेंसी

वाराणसी। अर्दली बाजार के स्वामी विवेकानंद प्रवास स्थल के विकास को लेकर सुलभ कॉम्प्लेक्स का निर्माण विवादों में घिर गया है। गोपाल लाल विला से सटाकर नई दीवार बनाने और ऐतिहासिक पुरानी दीवार गिराने से नाराज अधिवक्ताओं ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। शुक्रवार को गतिरोध दूर करने के लिए अपर आयुक्त प्रशासन आलोक वर्मा, एलटी कॉलेज की प्रधानाचार्य ऋचा जोशी, क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग के राजीव रंजन और विवेकानंद प्रवास स्थल संरक्षण समिति के नित्यानंद राय, विनोद पांडेय ‘भैयाजी’ और मिलिंद श्रीवास्तव के बीच दो घंटे बात हुई, लेकिन कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका।

समिति का तर्क था कि सारनाथ स्तूप के संरक्षण में भी उससे सटाकर बाउंड्रीवाल नहीं बनाई गई है। सुबह दस से दोपहर 12 बजे तक तर्क-वितर्क चलता रहा, लेकिन सहमति नहीं बनी। अब जिलाधिकारी शनिवार को मामले में निर्णय लेंगे। बताया गया कि स्वामी विवेकानंद कई बार काशी आए थे। अंतिम बार 1902 में वह काशी आए और अर्दली बाजार गोपाल लाल विला में स्वास्थ्य लाभ लिया। 14 मार्च 1902 को उन्होंने बहन निवेदिता को पत्र लिखा था। आज यह ऐतिहासिक स्थल खंडहर में तब्दील हो चुका है।
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