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Varanasi News: उपभोक्ता आयोग का पत्र आया, 22 हजार की ठगी
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उपभोक्ता आयोग का पत्र आया, 22 हजार की ठगी
वाराणसी। वरुणा बिहार काॅलोनी, सिकरौल निवासी जगदीश्वर सिंह को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के नाम से पत्र भेज कर 22 हजार रुपये की चपत लगा दी। जगदीश्वर सिंह के अनुसार उनकी पत्नी के नाम से पंजीकृत डाक से एक निर्णय की प्रतिलिपि मिली। उन्होंने अपने मोबाइल में प्ले स्टोर पर जाकर इंडिया पोस्ट सर्च करके स्पीड पोस्ट ट्रेकिंग पोस्ट मास्टर एप डाउनलोड किया। उसमें कंसाइनमेंट नंबर लिखने का विकल्प मिला। उसे डालने पर क्लिक किया तो नीचे कस्टमर सपोर्ट को काॅल करने का विकल्प आया। उस पर क्लिक करने पर दूसरी तरफ से आवाज आई। सामने वाले ने बताया कि वह इंडिया पोस्ट के कस्टमर केयर, नई दिल्ली से बोल रहा है। उसको उन्होंने पंजीकृत डाक की प्राप्ति की तारीख ट्रैक करने की बात कही। इस पर उसने उनके व्हाट्स एप नंबर पर कस्टमर सपोर्ट सिस्टम का एप भेजा। कहा कि उस एप को खोलकर उसमें वांछित सूचना भरकर एक रुपये का शुल्क नेट बैंकिंग से जमा कर दें। उसके बाद सारी सूचना मोबाइल पर मिल जाएगी। उन्होंने उसके बताए अनुसार किया तो उनके एसबीआई के खाते से 22 हजार रुपये कटने का मैसेज आया।
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वाराणसी। वरुणा बिहार काॅलोनी, सिकरौल निवासी जगदीश्वर सिंह को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के नाम से पत्र भेज कर 22 हजार रुपये की चपत लगा दी। जगदीश्वर सिंह के अनुसार उनकी पत्नी के नाम से पंजीकृत डाक से एक निर्णय की प्रतिलिपि मिली। उन्होंने अपने मोबाइल में प्ले स्टोर पर जाकर इंडिया पोस्ट सर्च करके स्पीड पोस्ट ट्रेकिंग पोस्ट मास्टर एप डाउनलोड किया। उसमें कंसाइनमेंट नंबर लिखने का विकल्प मिला। उसे डालने पर क्लिक किया तो नीचे कस्टमर सपोर्ट को काॅल करने का विकल्प आया। उस पर क्लिक करने पर दूसरी तरफ से आवाज आई। सामने वाले ने बताया कि वह इंडिया पोस्ट के कस्टमर केयर, नई दिल्ली से बोल रहा है। उसको उन्होंने पंजीकृत डाक की प्राप्ति की तारीख ट्रैक करने की बात कही। इस पर उसने उनके व्हाट्स एप नंबर पर कस्टमर सपोर्ट सिस्टम का एप भेजा। कहा कि उस एप को खोलकर उसमें वांछित सूचना भरकर एक रुपये का शुल्क नेट बैंकिंग से जमा कर दें। उसके बाद सारी सूचना मोबाइल पर मिल जाएगी। उन्होंने उसके बताए अनुसार किया तो उनके एसबीआई के खाते से 22 हजार रुपये कटने का मैसेज आया।