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Varanasi News: छह महीने से बंद पड़ा केराकत तहसील का निर्माण, नोटिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
केराकत। केराकत तहसील परिसर में 2.35 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा निर्माण कार्य छह महीने से पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। काम बंद रहने के कारण तहसील परिसर में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे यहां आने वाले अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और दूरदराज से न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले वादकारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2025 तक पूर्ण हो जाना था तहसील परिसर में न्यायालय भवन, बाउंड्रीवाल, इंटरलॉकिंग मार्ग, वाहन गैरेज, साइकिल स्टैंड, वादकारी भवन, गार्द रूम, हवालात और कैंटीन समेत कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इनमें से कई कार्य अधूरे पड़े हैं, जबकि कुछ स्थानों पर निर्माण सामग्री बिखरी होने से लोगों को आवागमन में भी कठिनाई हो रही है।
अधिवक्ता दिनेश शुक्ला का कहना है कि निर्माण कार्य बंद होने से तहसील परिसर की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। अब तक 60 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है, जबकि लगभग 40 प्रतिशत निर्माण कार्य अभी भी बाकी है।
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लंबे समय से मशीनें और निर्माण सामग्री परिसर में निष्क्रिय पड़ी हुई हैं। सरकारी धन के उपयोग और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
उपजिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य लंबे समय से बंद होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लंबित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे कराए जा सके।
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केराकत। केराकत तहसील परिसर में 2.35 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा निर्माण कार्य छह महीने से पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। काम बंद रहने के कारण तहसील परिसर में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे यहां आने वाले अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और दूरदराज से न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले वादकारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2025 तक पूर्ण हो जाना था तहसील परिसर में न्यायालय भवन, बाउंड्रीवाल, इंटरलॉकिंग मार्ग, वाहन गैरेज, साइकिल स्टैंड, वादकारी भवन, गार्द रूम, हवालात और कैंटीन समेत कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इनमें से कई कार्य अधूरे पड़े हैं, जबकि कुछ स्थानों पर निर्माण सामग्री बिखरी होने से लोगों को आवागमन में भी कठिनाई हो रही है।
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अधिवक्ता दिनेश शुक्ला का कहना है कि निर्माण कार्य बंद होने से तहसील परिसर की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। अब तक 60 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है, जबकि लगभग 40 प्रतिशत निर्माण कार्य अभी भी बाकी है।
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लंबे समय से मशीनें और निर्माण सामग्री परिसर में निष्क्रिय पड़ी हुई हैं। सरकारी धन के उपयोग और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
उपजिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य लंबे समय से बंद होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लंबित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे कराए जा सके।