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बनारस में फरक्का एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश, बड़ा हादसा बचा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 25 Mar 2018 10:23 AM IST
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फरक्का एक्सप्रेस
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दिल्ली से मालदा टाउन जाने वाली गाड़ी संख्या 13484 फरक्का एक्सप्रेस शुक्रवार की रात एक बड़ी दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बची। वाराणसी परिक्षेत्र अंतर्गत शिवपुर गेट नंबर नौ और दस के बीच ट्रैक पर रखे लोहे के गर्डर से इंजन के टकराते हुए तेज आवाज हुई और जोर का झटका लगने बोगियों में बैठे यात्री सहम गए।
चालक ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। इंजन के काऊकैचर में फंसा यह गर्डर तकरीबन ढाई मीटर लंबा था। ट्रैक पर लोहे का गर्डर रखने को ट्रेन को पलटाने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इंसानी लापरवाही से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
रेल प्रशासन ने घटना के बारे में शिवपुर थाने में तहरीर दी है। दिल्ली से आ रही फरक्का एक्सप्रेस शुक्रवार की रात करीब 10:05 बजे शिवपुर गेट नंबर नौ और 10 के बीच से गुजर रही थी। इस दौरान पटरी पर रखे लोहे के गर्डर से इंजन के टकराते ही तेज आवाज हुई।
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गनीमत रही कि उस समय ट्रेन की रफ्तार ज्यादा नहीं थी। 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन आगे बढ़ रही थी। गर्डर इंजन के काऊकैचर में फंस गया। पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। तेज झटके की वजह से यात्रियों में हड़कंप मच गया।
ट्रेन रुकते ही अनहोनी की आशंका से घबराए यात्री बोगियों से बाहर निकल आए। गर्डर प्रथम दृष्टया बिजली के खंभे जैसा प्रतीत हो रहा था। ट्रेन स्टाफ ने विभागीय अधिकारियों को सूचना दी।
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चालक ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। इंजन के काऊकैचर में फंसा यह गर्डर तकरीबन ढाई मीटर लंबा था। ट्रैक पर लोहे का गर्डर रखने को ट्रेन को पलटाने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इंसानी लापरवाही से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
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रेल प्रशासन ने घटना के बारे में शिवपुर थाने में तहरीर दी है। दिल्ली से आ रही फरक्का एक्सप्रेस शुक्रवार की रात करीब 10:05 बजे शिवपुर गेट नंबर नौ और 10 के बीच से गुजर रही थी। इस दौरान पटरी पर रखे लोहे के गर्डर से इंजन के टकराते ही तेज आवाज हुई।
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गनीमत रही कि उस समय ट्रेन की रफ्तार ज्यादा नहीं थी। 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन आगे बढ़ रही थी। गर्डर इंजन के काऊकैचर में फंस गया। पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। तेज झटके की वजह से यात्रियों में हड़कंप मच गया।
ट्रेन रुकते ही अनहोनी की आशंका से घबराए यात्री बोगियों से बाहर निकल आए। गर्डर प्रथम दृष्टया बिजली के खंभे जैसा प्रतीत हो रहा था। ट्रेन स्टाफ ने विभागीय अधिकारियों को सूचना दी।
चेतावनी जारी होने के बाद भी नही चेते
फरक्का एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला
ट्रैकमैन अनिल कुमार की अगुवाई में विभागीय टीम ने ट्रैक की जांच की। ट्रैक दुरुस्त पाए जाने पर रात 11:35 बजे ट्रेन को आगे रवाना किया गया। कैंट रेलवे स्टेशन पर रात 12:05 बजे यह ट्रेन पहुंची।
वहां इसकी सुरक्षा जांच के साथ ही इंजन को चेक किया गया। सब कुछ ठीक पाए जाने पर रात 12:35 बजे यहां से ट्रेन मालदा टाउन के लिए रवाना हुई। घटना के बारे में पीडब्ल्यूआई चीफ अनिल सिंह ने शिवपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
कुछ दिनों पहले लखनऊ मंडल में रेल पटरी पर गर्डर मिलने की घटना के बाद सभी जोनल और मंडलों को चेतावनी जारी की गई और निर्देशित किया गया कि सभी मंडल अभियंता अपने-अपने क्षेत्र में पेट्रोलिंग नियमित रूप से सुनिश्चित कराएं।
लेकिन, यहां इस चेतावनी के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। लखनऊ मंडल के गंगाघाट (सीपीबी) रेलवे स्टेशन से आम्रपाली एक्सप्रेस के पास करते समय लखनऊ सिरे पर गर्डर के दो टुकड़े ट्रैक पर रखे पाए गए थे।
वहां इसकी सुरक्षा जांच के साथ ही इंजन को चेक किया गया। सब कुछ ठीक पाए जाने पर रात 12:35 बजे यहां से ट्रेन मालदा टाउन के लिए रवाना हुई। घटना के बारे में पीडब्ल्यूआई चीफ अनिल सिंह ने शिवपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
कुछ दिनों पहले लखनऊ मंडल में रेल पटरी पर गर्डर मिलने की घटना के बाद सभी जोनल और मंडलों को चेतावनी जारी की गई और निर्देशित किया गया कि सभी मंडल अभियंता अपने-अपने क्षेत्र में पेट्रोलिंग नियमित रूप से सुनिश्चित कराएं।
लेकिन, यहां इस चेतावनी के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। लखनऊ मंडल के गंगाघाट (सीपीबी) रेलवे स्टेशन से आम्रपाली एक्सप्रेस के पास करते समय लखनऊ सिरे पर गर्डर के दो टुकड़े ट्रैक पर रखे पाए गए थे।