अपना दल के मंच से भाजपा पर हमला, कांग्रेस सांसद ने कहा- जनता को अब और धोखा नहीं दे सकती सरकार
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अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल की 69 वीं जयंती पर सोमवार को बनारस में भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता के लिए जमीन तैयार की गई।
अपना दल के मंच पर आए कांग्रेस सांसद डॉ. संजय सिंह और रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने केंद्र और प्रदेश सरकार के अलावा भाजपा पर जमकर हमला बोला। लोकसभा चुनाव में विपक्ष के एकजुट होकर मैदान में उतरने के संकेत दिए।
किसान दिवस समारोह के रूप में जयंती कार्यक्रम छावनी क्षेत्र के मल्टीपरपज हाल में आयोजित हुआ। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ. संजय सिंह ने कहा कि देश में शिगूफेबाजी की सरकार है।
जनता को झांसा देकर एक बार तो सरकार बनाई जा सकती है लेकिन बार-बार जनता की आंखों में धूल नहीं झोंका जा सकता। कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा सरकार की कलई खुल जाएगी।
आरोप लगाया कि नोटबंदी से सबसे अधिक फायदा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और उनके परिवार को हुआ। मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि स्वच्छता के लिए जितना खर्च हुआ, उससे कहीं अधिक प्रचार-प्रसार पर सरकार ने खर्च किया।
राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मन की बात करते हैं लेकिन दिल की बात नहीं बताते हैं। सब्सिडी युक्त सिलेंडर दिया तो दाम महंगा किया। बिजली फ्री में देने की बात कही तो उसका दाम बढ़ा दिया।
अब प्रदेश में ग्रामसभा की जमीनों के अधिग्रहण कानून में बदलाव कर दिया। ये पूंजीपतियों की सरकार है। अध्यक्षता कर रही पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने कहा कि आंख-कान खोलकर रखिए। सरकार को झूठे वादों में मत आइए। अपना दल आपके निर्णय के अनुसार ही आगे बढ़ेगा।
कैराना चुनाव ने दिया सामाजिक गठबंधन का संदेश
राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने कहा कि कैराना उपचुनाव के परिणाम से पूरे देश में सामाजिक गठबंधन का संदेश गया है। इसके बाद देश की राजनीति में भी बदलाव आया। बांटने की राजनीति करने वाले भी किसानों की बात करने लगे हैं। प्रधानमंत्री गन्ना किसानों से संवाद कर रहे हैं।
अपना दल की ओर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने से पहले सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने कहा कि कैराना में सामाजिक समरसता के चलते जीत मिली और यह संदेश गया कि हिंदू-मुस्लिम के बंटवारे की राजनीति नहीं चलेगी।
चुनाव परिणाम के बाद सरकारों ने किसानों की बात शुरू कर दी। केंद्र सरकार भी समझ गई कि किसान अगर उसकी असलियत जान गया तो उसके लिए ठीक नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि अपना दल से भावनात्मक जुड़ाव रहा है। ओम प्रकाश राजभर के सवाल पर कहा कि वे सरकार में मंत्री हैं और समय समय पर अपनी बात कहते हैं।
ऐसे में लगता है कि सरकार और उनमें मतभेद है। यदि वैचारिक मतभेद है तो उनको हमारे साथ आना चाहिए। विपक्ष के महागठबंधन के सवाल पर कहा यह सामाजिक गठबंधन है और समय के साथ बहुत कुछ स्पष्ट होगा।
सपा-बसपा ने बनाई दूरी
विपक्ष की एकजुटता के आह्वान के साथ हुए अपना दल के कार्यक्रम से सपा-बसपा ने दूरी बनाए रखी। डॉ. सोनेलाल की जयंती पर कांग्रेस, सपा, बसपा, रालोद, एनसीपी, जदयू, कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं के आने का दावा किया गया था लेकिन सिर्फ कांग्रेस और रालोद के ही नेता मंच पर नजर आए।
इस बारे में अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने यह कहकर विपक्ष के महागठबंधन की संभावनाओं का बचाव किया कि अभी समय नहीं आया है। जब समय आएगा तो सपा-बसपा के नेता भी मंच पर होंगे।
गौरतलब है कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भी मंच साझा करने का एलान किया था लेकिन ऐन वक्त पर वह पलटी मार गए और शामिल नहीं हुए।