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35 साल पुराने मामले में जेल गए BHU के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष को मिली जमानत

Fri, 10 Nov 2017 10:44 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर Updated Fri, 10 Nov 2017 10:44 AM IST
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congress leader chanchal singh get bail from jaunpur court
कोर्ट परिसर में चंचल सिंह - फोटो : अमर उजाला
सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के 33 साल पुराने मामले में बुधवार को जेल भेज गए बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष व कांग्रेस नेता चंचल सिंह को गुरुवार को एसीजेएम पंचम अमर सिंह ने जमानत पर रिहा कर दिया। कोर्ट ने उन्हें तीस-तीस हजार की दो जमानत और इतनी ही धनराशि का स्वबंध पत्र दाखिल करने का आदेश दिया।
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अधिवक्ता दुष्यंत सिंह ने आरोपी के वृद्ध व बीमार होने के साथ ही वारंट की जानकारी न होने का तर्क देते हुए चंचल सिंह के जमानत के लिए गुजारिश की जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। चंचल के खिलाफ दो मार्च 1982 को बदलापुर थाना क्षेत्र के महराजगंज ब्लाक के सवंसा स्थित कार्यालय में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला तत्कालीन एसडीएम टीडी गौड़ आईएएस ने बदलापुर में दर्ज कराया था।
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चार्जशीट आने के बाद आरोपी ने जमानत कराई थी। इसके बाद से वह अदालत में उपस्थित नहीं हुए। 5 जून 1984 को कोर्ट ने बेल बांड निरस्त कर आरोपी के खिलाफ वारंट जारी कर दिया था।
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पुलिस ने बुधवार को उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था। गुरुवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

congress leader chanchal singh get bail from jaunpur court
कोर्ट में पेशी के लिए जाते चंचल सिंह - फोटो : अमर उजाला
जमानत मिलने पर जेल से रिहा हुए समाजवादी चिंतक चंचल सिंह ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट ने उनके खिलाफ पहले कोई वारंट जारी किया था तो पुलिस को उन्हें पहले ही गिरफ्तार करना चाहिए था। पुलिस यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती कि वह लगातार गायब चल रहे थे। 

उन्होंने कहा कि 1984 में मैने लोकसभा का चुनाव लड़ा। उस दौरान क्षेत्र में लगातार जनसभाएं की थी। घर-घर जाकर जनसंपर्क भी किया था। वर्ष 2002 में मैने विधानसभा का चुनाव लड़ा। लगातार स्क्रीन पर ही बना रहा।

पुलिस यह कहकर कैसे बच सकती है कि वह उनकी तलाश करती रही और मैं नहीं मिला। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित होना बताया। कहा कि वह वह सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। देश और प्रदेश की हुकूमत के तमाम क्रिया कलापों पर लिखते रहते हैं।  
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