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बजरंग बली पर दिए गए बयान मामले में सीएम योगी के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल
Sat, 12 Jan 2019 12:16 PM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मऊ
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Published by: shashikant misra
Updated Sat, 12 Jan 2019 12:16 PM IST
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सीएम योगी
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राजस्थान में एक चुनावी जनसभा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बजरंग बली की जाति की बाबत दिए गए बयान पर शुक्रवार को एक वकील ने मऊ के सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया। सीजेएम लोकेश नागर ने परिवादी का बयान दर्ज करने के लिए 25 जनवरी की तिथि तय की है।
जिले दोहरीघाट थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी वकील नवल किशोर शर्मा ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया। इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अजय सिंह विष्ट उर्फ योगी आदित्यनाथ को आरोपी बनाया है।
आरोप के अनुसार मुख्यमंत्री ने 28 नवंबर 2018 को राजस्थान के अलवर मालाखेड़ा में सार्वजनिक मंच से कहा कि बजरंग बली स्वयं वनवासी, गिरवासी और दलित हैं। परिवादी के अनुसार, इससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
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सीजेएम ने मामला दर्ज करने के साथ ही परिवादी का बयान दर्ज करने के लिए 25 जनवरी की तिथि तय की है। बता दें कि वकील ने ही नवंबर में मामले के तहत कोर्ट से सीएम को नोटिस भी भेजा था।
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जिले दोहरीघाट थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी वकील नवल किशोर शर्मा ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया। इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अजय सिंह विष्ट उर्फ योगी आदित्यनाथ को आरोपी बनाया है।
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आरोप के अनुसार मुख्यमंत्री ने 28 नवंबर 2018 को राजस्थान के अलवर मालाखेड़ा में सार्वजनिक मंच से कहा कि बजरंग बली स्वयं वनवासी, गिरवासी और दलित हैं। परिवादी के अनुसार, इससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
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सीजेएम ने मामला दर्ज करने के साथ ही परिवादी का बयान दर्ज करने के लिए 25 जनवरी की तिथि तय की है। बता दें कि वकील ने ही नवंबर में मामले के तहत कोर्ट से सीएम को नोटिस भी भेजा था।