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बीएचयू अस्पताल में शवों को मिलेगा सम्मान, प्रशासन की ओर से दिया जाएगा कॉफिन

Wed, 17 Oct 2018 04:33 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 17 Oct 2018 04:33 PM IST
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Coffin will be provided by BHU hospital for deadbody
कॉफिन - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में मृत लोगों के शव को भी सम्मान दिया जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से कॉफिन की व्यवस्था की गई है। अस्पताल में इलाज के दौरान अगर किसी मरीज की मौत होती है तो उसके शव को परिजन सुरक्षित ले जा सकेंगे।
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बीएचयू के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने बताया कि इसके लिए मरीज के परिजनों को इमरजेंसी कक्ष में जानकारी देनी होगी। यहां तैनात मेडिकल अफसर को इसका इंचार्ज बनाया गया है। मंगलवार से ही इस सेवा की शुरूआत भी हो गई। यहां आईसीयू में भर्ती सेना के एक जवान की मौत के बाद उसके शव को इसी कॉफिन में रखकर भेजा गया।
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डेंगू पर अस्पतालों को अलर्ट जारी


डेंगू के बढ़ते प्रकोप को लेकर मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल के साथ ही बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के लिए अलर्ट जारी किया गया है। यहां डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए अलग बेड और प्लेटलेटस आदि की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। यह दावा मंगलवार को चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्रा ने प्रेस कांफ्रेंस में किया।   

चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में 12 बेड, मेडिसिन डिपार्टमेंट में 8 और न्यूरोलॉजी में 2 बेड ऐसे मरीजों के लिए हैं। डेंगू से पीडि़त मरीजों के लिए डेंगू वार्ड भी बनाया गया है। अस्पताल के ब्लड बैंक में डेंगू मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त, सिंगल डोनर प्लेटलेटस की व्यवस्था की गई। इस दौरान आयुर्वेद संकाय के रसशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. आनंदचौधरी ने आयुर्वेदिक उपचार के माध्यम से डेंगू रोग पर नियंत्रण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 

प्लेटलेट्स कम होने का मतलब डेंगू नहीं

चिकित्सा अधीक्षक के अनुसार प्लेटलेटस कम होने का मतलब डेंगू नहीं होता। सामान्य बुखार में भी ऐसा होता है। एनएस1 के साथ ही आईजीएम पॉजीटिव होने के बाद ही डेंगू की पुष्टि होती है। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि एक महीने से पूर्वांचल सहित अन्य जगहों पर तेज बुखार के साथ ही प्लेटलेटस की कमी वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सामान्य बुखार में पांच से सात दिन तक एंटीबॉडी बनने लगता है। प्लेटलेट्स कम होने पर घबराएं नहीं।
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