वाराणसी: सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही युवती ने सिपाही पर लगाया छेड़खानी का आरोप, पूर्व मंत्री ने समर्थकों संग घेरा थाना
वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र निवासी एक युवती ने सिपाही पर छेड़खानी का आरोप लगाया। मामले को लेकर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों संग पुलिस चौकी का घेराव किया।वहीं सिपाही ने आरोपों को फर्जी बताया है।
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वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में युवती और उसके परिजनों ने गुरुवार सुबह एक सिपाही पर छेड़खानी का आरोप लगाकर हंगामा किया। इस दौरान मोहनसराय चौकी का घेराव करने पहुंचे पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल से प्रभारी निरीक्षक की नोकझोंक हुई। सपा जिलाध्यक्ष सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने आरोपी सिपाही को थाने से हटाने की मांग की। सीओ सदर के पहुंचने पर किसी तरह लोग शांत हुए।
उधर, सिपाही ने युवती के परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाया। एडशिनल एसपी के निर्देश पर सीओ सदर मामले की जांच कर रहे हैं। रोहनिया थाना अंतर्गत एक गांव की रहने वाली युवती सिविल सर्विसेज की तैयारी करती है। सुबह साइकिल से कोचिंग को निकली थी। इसी बीच गांव से कुछ दूरी पर बाइक सवार युवक ने युवती से छेड़खानी की।
मोबाइल छीनकर वीडियो किया डिलीट
इस पर युवती ने बाइक सवार युवक की वीडियो बना ली। यह देख बाइक सवार युवक ने युवती का मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया। युवती की सूचना पर पहुंचे भाई को देख बाइक सवार युवक भागने लगा तो दौड़ाकर पकड़ा। दोनों में मारपीट हुई। तब तक मोहनसराय चौकी से सिपाही भी पहुंच गए।
पूर्व मंत्री ने दरोगा पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
युवती का आरोप है कि बाइक सवार मोहनसराय चौकी पर तैनात सिपाही अखिलानंद पटेल था। घटना की सूचना पर ग्रामीण और पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ भी मौके पर पहुंच गए। चौकी पहुंचे तो प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार मिश्रा से नोकझोंक हुई। दरोगा पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए पूर्व मंत्री, सपा जिलाध्यक्ष समेत समर्थक आक्रोशित हो गए।
सीओ सदर अखिलेश प्रताप सिंह के पहुंचने पर किसी तरह मामला शांत हुआ। पूर्व मंत्री का आरोप रहा कि थाने पर तीन साल से जमा सिपाही इंस्पेक्टर का कारखास है, युवती से छेड़खानी किया।
सिपाही ने लगाया मारपीट का आरोप
वहीं, सिपाही अखिलानंद त्रिपाठी ने बताया कि वह सादे वेश में अपनी बाइक की सर्विसिंग टड़िया पर करवा रहा था। इस बीच बाइक सवार दो युवक पहुंचे और कहा कि 39 नंबर की बाइक से छेड़खानी करके युवक भागा है। इस पर दोनों युवकों से हमने बाइक का पूरा नंबर पूछा और खुद को सिपाही बताया तो इतने में उलझ गए और मारपीट करने लगे।
चौकी से अन्य सिपाही आए तो बीचबचाव किया। इन लोगों को जब मालूम चला कि सिपाही को पीट दिए तो हैं तो फर्जी में छेड़खानी का आरोप लगाने लगे। यह बिल्कुल गलत है, जिस स्थान पर छेड़खानी का आरोप लगाया गया, उस जगह की जांच करा ली जाएं, हम उक्त स्थल पर गए ही नहीं है। इस संबंध में सीओ सदर अखिलेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है, यदि सिपाही दोषी होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।