फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   childrens recovered from train at Varanasi Cantt station

Varanasi News: गुजरात में बाल श्रम के लिए ले जा रहे 15 बच्चों को बचाया, कैंट रेलवे स्टेशन से तीन गिरफ्तार

Tue, 11 Nov 2025 03:03 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 11 Nov 2025 03:03 PM IST
सार

Varanasi Latest News: कैंट रेलवे स्टेशन से 15 बच्चों को बरामद किया गया है। वहीं तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी बच्चों को लेकर गुजरात जा रहे थे। 

विज्ञापन
childrens recovered from train at Varanasi Cantt station
मामले की जानकारी लेती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह 15 बच्चों को बाल श्रम करवाने राजकोट, गुजरात ले जा रहे तीन आरोपियों को आरपीएफ ने पकड़ा। 15 बच्चों में एक सात साल की बच्ची भी है। वाराणसी की आरपीएफ टीम पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन पहुंची और जनरल बोगी में मिले बच्चों को कैंट स्टेशन पर उतारा। 
विज्ञापन


आरोपियों में बक्सर, बिहार निवासी सुरेंद्र राम (33), गाजीपुर के दिलदार नगर निवासी सीता (23) और असम के तिनसुखिया निवासी मोंतुष मुंडा (29) हैं। बच्चों ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें 2-2 हजार रुपये दिए थे। राजकोट में काम दिलवाने को कहा गया था। जहां उन्हें 10-15 हजार रुपये महीने मिलते। तीनों आरोपियों पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
विज्ञापन


आरपीएफ की सूचना पर पहुंची एंटी हयूमन ट्रैफिकिंग (पुलिस) की टीम ने तीनों से पूछताछ की तो पता चला कि वो बच्चों को अलग-अलग कंपनियों में काम करवाने के लिए राजकोट ले जा रहे थे। बच्चों को चाइल्ड लाइन संस्था को सौंपा गया जबकि आरोपियों को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ट्रेन नंबर 15636 गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस से 15 बच्चों को जनरल कोच में बक्सर से राजकोट ले जाने की सूचना वाराणसी जंक्शन के आरपीएफ इंस्पेक्टर को मिली थी। एक टीम को तत्काल पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन भेजा गया। बचपन बचाओ आंदोलन की उप परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता के साथ टीम ने बच्चों को बरामद किया। 

इसे भी पढ़ें; दालमंडी चौड़ीकरण: वीडीए की चेतावनी... मकान का नक्शा नहीं तो ध्वस्तीकरण , काशी नरेश की आठ दुकानों पर लाल निशान

कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म आठ पर सुबह 10 बजे ट्रेन पहुंची। 15 बच्चों को आरपीएफ ने नीचे उतारा। सभी बच्चों के पास बक्सर से राजकोट का जनरल टिकट था। आरपीएफ की ओर से इसकी सूचना जीआरपी, कमिश्नरेट पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट को दी गई। सूचना पर पहुंची कमिश्नरेट पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। 

आरपीएफ इंस्पेक्टर संदीप कुमार यादव ने बताया कि 15 बच्चों को तीनों लोगों ने अलग-अलग जगहों पर बिठाया था। पूछताछ में सीता ने बताया कि वह 10 बच्चों को लेकर जा रही थी। जबकि सुरेंद्र के पास एक और मंतोष 4 बच्चों को लेकर जा रहा था। 

आरपीएफ पोस्ट में बिठाए गए बच्चों में से पांच ने बताया कि आरोपियों ने दो-दो हजार रुपये दिए थे। बक्सर से ट्रेन में यह कहकर बिठाया गया था कि राजकोट में सीमेंट, पाइप की फैक्ट्री में काम दिलाया जाएगा। उनको 10-15 हजार रुपये महीना मिलेगा। कुछ बच्चों ने यह भी बताया कि उनके अभिभावकों को भी रुपये दिए गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed