Varanasi News: गुजरात में बाल श्रम के लिए ले जा रहे 15 बच्चों को बचाया, कैंट रेलवे स्टेशन से तीन गिरफ्तार
Varanasi Latest News: कैंट रेलवे स्टेशन से 15 बच्चों को बरामद किया गया है। वहीं तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी बच्चों को लेकर गुजरात जा रहे थे।
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आरोपियों में बक्सर, बिहार निवासी सुरेंद्र राम (33), गाजीपुर के दिलदार नगर निवासी सीता (23) और असम के तिनसुखिया निवासी मोंतुष मुंडा (29) हैं। बच्चों ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें 2-2 हजार रुपये दिए थे। राजकोट में काम दिलवाने को कहा गया था। जहां उन्हें 10-15 हजार रुपये महीने मिलते। तीनों आरोपियों पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरपीएफ की सूचना पर पहुंची एंटी हयूमन ट्रैफिकिंग (पुलिस) की टीम ने तीनों से पूछताछ की तो पता चला कि वो बच्चों को अलग-अलग कंपनियों में काम करवाने के लिए राजकोट ले जा रहे थे। बच्चों को चाइल्ड लाइन संस्था को सौंपा गया जबकि आरोपियों को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज किया गया।
ट्रेन नंबर 15636 गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस से 15 बच्चों को जनरल कोच में बक्सर से राजकोट ले जाने की सूचना वाराणसी जंक्शन के आरपीएफ इंस्पेक्टर को मिली थी। एक टीम को तत्काल पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन भेजा गया। बचपन बचाओ आंदोलन की उप परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता के साथ टीम ने बच्चों को बरामद किया।
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कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म आठ पर सुबह 10 बजे ट्रेन पहुंची। 15 बच्चों को आरपीएफ ने नीचे उतारा। सभी बच्चों के पास बक्सर से राजकोट का जनरल टिकट था। आरपीएफ की ओर से इसकी सूचना जीआरपी, कमिश्नरेट पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट को दी गई। सूचना पर पहुंची कमिश्नरेट पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की।
आरपीएफ इंस्पेक्टर संदीप कुमार यादव ने बताया कि 15 बच्चों को तीनों लोगों ने अलग-अलग जगहों पर बिठाया था। पूछताछ में सीता ने बताया कि वह 10 बच्चों को लेकर जा रही थी। जबकि सुरेंद्र के पास एक और मंतोष 4 बच्चों को लेकर जा रहा था।
आरपीएफ पोस्ट में बिठाए गए बच्चों में से पांच ने बताया कि आरोपियों ने दो-दो हजार रुपये दिए थे। बक्सर से ट्रेन में यह कहकर बिठाया गया था कि राजकोट में सीमेंट, पाइप की फैक्ट्री में काम दिलाया जाएगा। उनको 10-15 हजार रुपये महीना मिलेगा। कुछ बच्चों ने यह भी बताया कि उनके अभिभावकों को भी रुपये दिए गए थे।