यूपी: खेल-खेल में बच्चे ने लगाई फांसी, दोस्त के सामने टूट गई सांस की डोर
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वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र में खेल-खेल में फांसी का करतब दिखाने के दौरान 12 वर्षीय बच्चे की फंदे से लटककर मौत हो गई। खेलते समय पैर से अचानक कुर्सी हट गई और बच्चे का गला फंदे में कस गया। मुंह और नाक से खून निकलते देख परिजन आनन-फानन में लेकर अस्पताल भागे लेकिन रास्ते में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत से बेसुध ढाब क्षेत्र निवासी परिजन बगैर पुलिस को सूचित किए शुक्रवार की रात शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
चौबेपुर के ढाब क्षेत्र निवासी मुनीष निषाद का पुत्र नित्यानंद निषाद 12 वर्ष शुक्रवार को घर के गलियारे में छत से लटक रही रस्सी को कुर्सी लगाकर पकड़ लिया। कुर्सी पर खड़े होकर रस्सी का फंदा बनाया और अन्य बच्चों के साथ खेलने लगा। साथी बच्चों को करतब दिखाते हुए कहने लगा कि मैं फांसी लगा लूंगा, अभी यह कहकर रस्सी से लटक ही रहा था कि तब तक पैर से कुर्सी हट गई और फंदे में नित्यानंद का गला कस गया।
नाक और मुंह से खून निकलते देख साथी बच्चों ने शोर मचाया तो परिजन दौड़े-भागे पहुंचे। इसी बीच रस्सी से नीचे उतारकर नित्यानंद को पास के एक निजी अस्पताल लेकर भागे। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नित्यानंद की इस तरह हुई मौत के गम में परिजन जहां बेसुध रहे तो वहीं रात में पुलिस को सूचना दिए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
मुनीष निषाद की चार संतानों में नित्यानंद सबसे छोटा था और कक्षा पांच में पढ़ाई करने के साथ ही घर की जनरल स्टोर की दुकान में पिता का हाथ भी बंटाता था। करतब दिखाने के चक्कर में हुई नित्यानंद की मौत ने पड़ोसी अभिभावकों का दिल भी बैठा दिया।
इस तरह की दुर्घटना से अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है। बच्चों के मन में स्टंट के ख्याल आजकल फिल्म, टीवी विज्ञापनों और मोबाइल में वीडियो देखने के बाद आ रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि अपने बच्चों को सर्वप्रथम मोबाइल और टीवी से दूर रखें। आज के इस दौर में जोखिम लेने का काम यंगस्टर्स अधिक कर रहे हैं। युवा मन अक्सर बहकता है लेकिन इस पर नियंत्रण अभिभावक ही लगा सकते हैं। बच्चे की करतब दिखाने में हुई मौत कहीं न कहीं किसी वीडियो या फिल्मों के कुछ जोखिम भरे सीन जरूर रहे होंगे। - डॉ. संजय गुप्ता, वरिष्ठ मनोचिकित्सक, बीएचयू
अभिभावकों के लिए सुझाव
- बच्चों को जोखिम वाले फिल्म और टीवी रियलिटी शो से दूर रखें।
- मोबाइल में खतरनाक गेम और वीडियो न डाउनलोड करें।
- समय-समय पर बच्चों के मन को समझने की कोशिश करें।
- घर में ऐसे स्थान न बनने दें कि जहां बच्चों सहित अन्य के लिए खतरा पैदा करें।
- बच्चों के सामने किसी भी जोखिम भरे कदम की बात बिल्कुल भी न करें।