{"_id":"5a9056344f1c1bbd218b4ce2","slug":"chief-secretary-returned-from-mid-way-due-to-shabby-road","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मिर्जापुरः निरीक्षण करने जा रहे प्रमुख सचिव बीच रास्ते से लौटे, सामने आया यह कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिर्जापुरः निरीक्षण करने जा रहे प्रमुख सचिव बीच रास्ते से लौटे, सामने आया यह कारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:11 PM IST
विज्ञापन
प्रमुख सचिव महेश गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के मिर्जापुर में एक गांव में स्कूल का निरीक्षण करने जा रहे प्रमुख सचिव महेश गुप्ता बीच रास्ते से ही वापस लौट गए। प्रमुख सचिव के वापस लौटने के पीछे चौंकाने वाला कारण सामने आया है।
जिले के बधवा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का शुक्रवार को निरीक्षण करने जा रहे प्रमुख सचिव महेश गुप्ता कछवां से जमुआ के बीच सड़क बेहद खराब मिलने पर नाराज हो गए। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वह बीच रास्ते में गोधना गांव से लौट गए।
उन्होंने कहा सरकार सड़कों को गड्ढामुक्त करने का वादा कर रही है। ऐसे में सड़क को दुरुस्त न करना घोर लापरवाही है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने डीएम को कछवां और जमुआ की सड़क की मरम्मत कराने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
दिव्यांग जनसशक्तिकरण विभाग के प्रमुख सचिव महेश कुमार गुप्ता शुक्रवार को डीएम विमल कुमार दुबे के साथ मझवां ब्लॉक बधवां स्थित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने जा रहे थे।
जमुआ पहुंचने के बाद सड़क इतनी क्षतिग्रस्त मिली कि वाहन हिचकोले खाने लगा। यह देख प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई और साथ चल रहे सभी अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सड़क को गड्ढामुक्त बनाने की योजना लागू की गई थी। इसके बाद भी इस रोड की मरम्मत क्यों नहीं कराई गई। यह घोर लापरवाही है।
विज्ञापन
जिले के बधवा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का शुक्रवार को निरीक्षण करने जा रहे प्रमुख सचिव महेश गुप्ता कछवां से जमुआ के बीच सड़क बेहद खराब मिलने पर नाराज हो गए। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वह बीच रास्ते में गोधना गांव से लौट गए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा सरकार सड़कों को गड्ढामुक्त करने का वादा कर रही है। ऐसे में सड़क को दुरुस्त न करना घोर लापरवाही है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने डीएम को कछवां और जमुआ की सड़क की मरम्मत कराने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
दिव्यांग जनसशक्तिकरण विभाग के प्रमुख सचिव महेश कुमार गुप्ता शुक्रवार को डीएम विमल कुमार दुबे के साथ मझवां ब्लॉक बधवां स्थित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने जा रहे थे।
जमुआ पहुंचने के बाद सड़क इतनी क्षतिग्रस्त मिली कि वाहन हिचकोले खाने लगा। यह देख प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई और साथ चल रहे सभी अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सड़क को गड्ढामुक्त बनाने की योजना लागू की गई थी। इसके बाद भी इस रोड की मरम्मत क्यों नहीं कराई गई। यह घोर लापरवाही है।
अतिक्रमण के बारे में की पूछताछ
demo pic
इसके बाद प्रमुख सचिव खंड विकास कार्यालय मझवां पहुंचे जहां ब्लॉक के कार्यों की समीक्षा की। प्रमुख सचिव ने डीएम को कछवां जमुआ मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया। प्रमुख सचिव ने ब्लॉक के अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की जानकारी ली।
नगर पंचायत कार्यालय कछवां पहुंच कर वहां नगर पंचायत की आमदनी और किए गए कार्यों की जानकारी ली। अतिक्रमण के बारे में भी पूछताछ की। अधिशासी अधिकारी राजेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि नगर पंचायत की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए चार सदस्यीय लेखपालों की कमेटी बनाई गई है।
अतिक्रमित भूमि को जल्द खाली कराया जाएगा। कूड़ा फेंकने के लिए चुनार में स्थान चयनित किया गया है। प्रमुख सचिव ने गृहकर और जलकर वसूली की भी जानकारी ली। इसके बाद प्रमुख सचिव गोधना गांव से वापस लौट गए।
चेयरमैन पनधारी यादव ने बताया कि नगर पंचायत में 13 लाख 76 हजार की वसूली का लक्ष्य था जिसमें 12 लाख 39 हजार रुपये की वसूली हो चुकी है। कुछ मकान जो छूट गए हैं, उन्हें भी जोड़ते हुए वसूली का लक्ष्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
नगर पंचायत कार्यालय कछवां पहुंच कर वहां नगर पंचायत की आमदनी और किए गए कार्यों की जानकारी ली। अतिक्रमण के बारे में भी पूछताछ की। अधिशासी अधिकारी राजेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि नगर पंचायत की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए चार सदस्यीय लेखपालों की कमेटी बनाई गई है।
अतिक्रमित भूमि को जल्द खाली कराया जाएगा। कूड़ा फेंकने के लिए चुनार में स्थान चयनित किया गया है। प्रमुख सचिव ने गृहकर और जलकर वसूली की भी जानकारी ली। इसके बाद प्रमुख सचिव गोधना गांव से वापस लौट गए।
चेयरमैन पनधारी यादव ने बताया कि नगर पंचायत में 13 लाख 76 हजार की वसूली का लक्ष्य था जिसमें 12 लाख 39 हजार रुपये की वसूली हो चुकी है। कुछ मकान जो छूट गए हैं, उन्हें भी जोड़ते हुए वसूली का लक्ष्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा।