वाराणसी में मुख्य सचिव और डीजीपी: नए सिरे से बनेगी काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा योजना, श्रद्धालुओं की सहूलियत का रखा जाए ध्यान
वाराणसी दौरे पर आए मुख्य सचिव डा. दुर्गाशंकर मिश्र और डीजीपी मुकुल गोयल ने काशी विश्वनाथ धाम का निरीक्षण किया। धाम के नए स्वरूप के लिए संशोधित सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने का निर्देश दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा योजना को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों के साथ मंदिर प्रशासन मंथन कर धाम परिसर के रेड, यलो और ग्रीन जोन की व्यवस्था को भी नए सिरे से तय करेगा। एक दिवसीय दौरे पर रविवार को वाराणसी आए मुख्य सचिव डा. दुर्गाशंकर मिश्र और डीजीपी मुकुल गोयल ने काशी विश्वनाथ मंदिर के नए स्वरूप के लिए संशोधित सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने का निर्देश दिया।
काशी विश्वनाथ धाम के निरीक्षण के बाद समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने कहा कि पहले विश्वनाथ मंदिर आने के लिए काफी गलियां हुआ करती थीं। मगर, अब यह परिसर काफी बड़ा हो गया है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को भी उसी तरह व्यवस्थित किया जाना चाहिए।
श्रद्धालुओं को आने-जाने में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो
इसमें इस बात का ध्यान रखा जाए कि श्रद्धालुओं को आने-जाने में किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। डीजीपी मुकुल गोयल ने कहा कि पहले के सुरक्षा प्लान में अब बदलाव की आवश्यकता है, इसलिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को शामिल करते हुए एक नया संशोधित प्लान तैयार करने और उसको पालन कराने की आवश्यकता है।
इससे पहले मुख्य सचिव और डीजीपी ने धाम परिसर का निरीक्षण कर एक-एक व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मंडलीय अस्पताल में टीकाकरण स्थल का निरीक्षण कर वहां की जानकारी ली। उसके बाद देर शाम लखनऊ रवाना हो गए।
मुख्य सचिव, डीजीपी ने देखी टीकाकरण की व्यवस्था, धीमी गति की वजह पूछी
इस दौरान मुख्य सचिव ने टीकाकरण की धीमी गति में तेजी लाने का एसआईसी को निर्देश देते हुए अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित करने को कहा। कहा कि हर रविवार को विशेष अभियान चलाकर टीकाकरण की गति को बढ़ाने की जरूरत है।
विशेषकर 15 से 18 साल तक के किशोरों का टीकाकरण जल्द से जल्द किया जाय। मुख्य सचिव ने कहा कि रोगी हित में नियमानुसार अच्छी सेवाएं प्रदान की जाए। इस दौरान अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. शशिकांत उपाध्याय, प्रमुख अधीक्षक डॉ. प्रसन्न कुमार आदि मौजूद रहे।