Varanasi News: बसों में बैठने की क्षमता की जांच, गड़बड़ी पर परमिट होगा निरस्त; अधिकारियों को दिए निर्देश
लखनऊ में बस हादसे के बाद वाराणसी में खटारा बसों को दुरुस्त कराया जाएगा। इसके साथ ही जांच की जाएगी कि वाहन में कोई कमी तो नहीं हैं। संभागीय परिवहन अफसरों को परिवहन आयुक्त ने इसके लिए निर्देशित किया है।
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बसों में सीटिंग क्षमता की जांच की जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर परमिट निरस्त की जाएगी। लखनऊ में बस हादसे को लेकर परिवहन आयुक्त ने सभी संभागीय परिवहन अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अमूमन देखा जाता है कि यात्री वाहनों बस, मिनी बस के स्वामियों द्वारा बसों के मानक में बदलाव करते हुए सीटिंग क्षमता बदल दी जाती है। निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर ओवरलोडिंग की जाती है। ऐसी बसों के खिलाफ कार्रवाई करें।
आरटीओ प्रशासन शिखर ओझा ने बताया कि परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा सीज की गई बसों का तकनीकी निरीक्षण जनपद में तैनात संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) द्वारा किया जाएगा।
बसों का तकनीकी निरीक्षण बस बॉडी कोड, (बस बॉडी एआईएस-52, स्लीपर बस बॉडी कोड एआईएस-119) के अनुसार किया जाएगा। यदि वाहन बस बॉडी कोड से भिन्न निर्मित पाई जाती है या बस के संबंध में परमिट शर्तों के उल्लंघन में तीन या तीन से अधिक चालान पूर्व में किए जा चुके हों तो ऐसी बसों का पंजीयन निलंबन किया जाएगा।
बस के संबंध में परमिट शर्तों के उल्लंघन में पूर्व में कोई चालान नहीं पाया जाता है या तीन से कम चालान पाया जाता है, तो ऐसी बसों के स्वामी से इस आशय का शपथपत्र प्राप्त किया जाएगा कि उनके द्वारा भविष्य में परमिट शर्तों का उल्लंघन कर संचालन नहीं किया जाएगा।
यह भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि यात्री वाहन में शीशे, खिड़की, दरवाजा, आपातकालीन दरवाजा आदि ठीक हालत में हों। एनीव्हेयर फिटनेस के तहत फिटनेस करने वाले जनपद से बस की स्पष्ट फोटोग्राफ मंगवाकर देखी जाए व मानक अनुरूप पाये जाने पर ही फिटनेस प्रमाण-पत्र निर्गत किया जाए।
एक साल में जारी एनीव्हेयर फिटनेस सर्टिफिकेट की दोबारा शुरू हुई जांच
परिवहन विभाग ने स्कूली समेत प्राइवेट, टूरिस्ट बसों की एनीव्हेयर फिटनेस प्रणाली की जांच दोबारा करने के निर्देश दिए हैं। पिछले एक साल में जारी फिटेनस सर्टिफिकेट की जांच शुरू हो चुकी है। फिटेनस सर्टिफिकेट में खामियां मिलने पर संबंधित पर्यवेक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। वाराणसी संभाग के वाराणसी, जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर में फिटनेस सर्टिफिकेट की जांच शुरू हो चुकी है।
चार दिन पूर्व लखनऊ में टूरिस्ट बस में आग से पांच की मौत की घटना को देखते हुए परिवहन विभाग ने एनीव्हेयर फिटनेस प्रणाली के तहत फिटनेस कराने वाले बसों का नए सिरे से सत्यापन करने को कहा है। क्योंकि जिस बस में आग लगी थी, उसका फिटनेस गोरखपुर परिवहन विभाग में एनीव्हेयर फिटनेस प्रणाली के तहत हुआ था।
बिना भौतिक सत्यापन के ही उसे फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया था। तत्कालीन आरआई राघव कुमार कुशवाहा ने एआईएस -119 मानकों का भी ध्यान नहीं दिया। न तो सीट लेआउट था और न ही आपात निकास द्वार था। इस मामले में बरेली में तैनात राघव कुशवाहा को निलंबित किया जा चुका है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है।
इसे ध्यान में रखते हुए परिवहन आयुक्त ने बसों की फिटनेस सर्टिफिकेट के दोबारा सत्यापन का निर्देश जारी किए हैं। आरटीओ प्रशासन शिखर ओझा ने बताया कि एनीव्हेयर फिटनेस प्रणाली के तहत फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले बसों की दोबारा जांच होगी। एआरटीओ प्रशासन को निर्देशित किया गया है।
परिवहन अधिकारियों ने बताया कि एनीव्हेयर फिटनेस सिस्टम के तहत जारी होने वाले सर्टिफिकेट का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। सभी एआरटीओ प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि यदि किसी बसों के फिटनेस में खामियां मिलती है तो उसे सड़क पर बिल्कुल भी नहीं चलने दें। टूरिस्ट बसों और स्कूली वाहनों का भी फिटनेस जरूर चेक करें।
बोले अधिकारी
आरटीओ प्रशासन शिखर ओझा ने बताया कि एनीव्हेयर फिटनेस प्रणाली के तहत फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त करने वाले बसों की दोबारा जांच होगी। एआरटीओ प्रशासन को निर्देशित किया गया है। - आरटीओ प्रशासन शिखर ओझा, आरटीओ प्रशासन, वाराणसी संभाग