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पूर्वांचल का 'यादव सिंह', पुलिस की ढिलाई से ठिकाने लगाई काली कमाई
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:53 PM IST
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गिरफ्तारी के बाद ही लगाए जाने लगे थे छापेमारी के कयास
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस की अदूरदर्शिता के कारण चंदौली के गिरफ्तार एआरटीओ आरएस यादव को अपनी काली कमाई को ठिकाने लगाने का मौका मिल गया।
लखनऊ से लौटते समय शनिवार की शाम जौनपुर में आरएस यादव की गिरफ्तारी के बाद ही होटल और आवास पर छापेमारी की अटकलें लगाई जाने लगी थीं और इसकी सूचना आरएस के करीबियों तक भी पहुंच गई थी लेकिन चंदौली पुलिस ने देर कर दी।
सूत्रों का दावा है कि शनिवार की रात के बजाए रविवार की दोपहर पहले होटल और उसके बाद घर पर जब छापा मारा गया, तब तक करोड़ों की नगदी और महंगे जेवरात हटाए जा चुके थे। ताज्जुब की बात है कि पुलिस के छापे में एक अंगूठी तक नहीं मिली।
नगदी के नाम पर भी आलमारी में केवल 14 हजार रुपये रखे मिले। सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तारी के बाद ही छापे की आशंका के मद्देनजर आरएस के करीबी सतर्क हो गए थे। रात में छापेमारी न होने से उन्हें इसके लिए भरपूर मौका भी मिल गया।
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घर से तकरीबन तीन करोड़ रुपये और लाखों के गहने हटा लिए गए। रविवार की दोपहर जब तक पुलिस टीम पहुंची तब तक काफी देर चुकी थी। जानकारों के मुताबिक पुलिस को संपत्ति की जांच का बहुत तजुर्बा भी नहीं है। आयकर या फिर आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा की टीम भी साथ होनी चाहिए थी।
पता चला है कि आरएस यादव का आर्थिक प्रबंधन देखने वाले व्यक्ति ने काले धन को ठिकाने लगा दिया है। प्रबंधन में कुछ ऐसे लोग जुड़े हैं, जिन्हें काला धन सफेद करने में महारत हासिल है।
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लखनऊ से लौटते समय शनिवार की शाम जौनपुर में आरएस यादव की गिरफ्तारी के बाद ही होटल और आवास पर छापेमारी की अटकलें लगाई जाने लगी थीं और इसकी सूचना आरएस के करीबियों तक भी पहुंच गई थी लेकिन चंदौली पुलिस ने देर कर दी।
सूत्रों का दावा है कि शनिवार की रात के बजाए रविवार की दोपहर पहले होटल और उसके बाद घर पर जब छापा मारा गया, तब तक करोड़ों की नगदी और महंगे जेवरात हटाए जा चुके थे। ताज्जुब की बात है कि पुलिस के छापे में एक अंगूठी तक नहीं मिली।
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नगदी के नाम पर भी आलमारी में केवल 14 हजार रुपये रखे मिले। सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तारी के बाद ही छापे की आशंका के मद्देनजर आरएस के करीबी सतर्क हो गए थे। रात में छापेमारी न होने से उन्हें इसके लिए भरपूर मौका भी मिल गया।
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घर से तकरीबन तीन करोड़ रुपये और लाखों के गहने हटा लिए गए। रविवार की दोपहर जब तक पुलिस टीम पहुंची तब तक काफी देर चुकी थी। जानकारों के मुताबिक पुलिस को संपत्ति की जांच का बहुत तजुर्बा भी नहीं है। आयकर या फिर आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा की टीम भी साथ होनी चाहिए थी।
पता चला है कि आरएस यादव का आर्थिक प्रबंधन देखने वाले व्यक्ति ने काले धन को ठिकाने लगा दिया है। प्रबंधन में कुछ ऐसे लोग जुड़े हैं, जिन्हें काला धन सफेद करने में महारत हासिल है।
खाद्य विभाग ने भी कसा शिकंजा, होटल में छापेमारी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग पनीर, दाल और सेवई के सैंपल लिए
- फोटो : अमर उजाला
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी छावनी क्षेत्र स्थित होटल वेस्ट इन पर शिकंजा कसते हुए मंगलवार की दोपहर छापेमारी की। पनीर, दाल और सेवई के सैंपल लिए। होटल के लाइसेंस के बारे में भी पूछताछ की।
प्रबंधन ने बताया कि नवीनीकरण के लिए आवेदन भेजा जा चुका है लेकिन इस बारे में किसी तरह का कागजात प्रबंधन नहीं दिखा सका।
भ्रष्टाचार के मामलों में शासन की ओर से विभागों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अभिहित अधिकारी दीनानाथ यादव के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम दोपहर में होटल वेस्टइन पहुंची। खाद्य सुरक्षा प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है। दो सप्ताह बाद इसकी रिपोर्ट आएगी।
लाइसेंस के नवीनीकरण के कागजात जल्द दिखाने को कहा गया है। इस दौरान टीम ने होटल इंडिया में भी सैंपलिंग की कार्रवाई की।
प्रबंधन ने बताया कि नवीनीकरण के लिए आवेदन भेजा जा चुका है लेकिन इस बारे में किसी तरह का कागजात प्रबंधन नहीं दिखा सका।
भ्रष्टाचार के मामलों में शासन की ओर से विभागों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अभिहित अधिकारी दीनानाथ यादव के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम दोपहर में होटल वेस्टइन पहुंची। खाद्य सुरक्षा प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है। दो सप्ताह बाद इसकी रिपोर्ट आएगी।
लाइसेंस के नवीनीकरण के कागजात जल्द दिखाने को कहा गया है। इस दौरान टीम ने होटल इंडिया में भी सैंपलिंग की कार्रवाई की।
आरएस के करीबी तीन आईएएस पर कार्रवाई की मांग
एआरटीओ आरएस यादव
- फोटो : SELF
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने चंदौली के गिरफ्तार एआरटीओ आरएस यादव मामले में उनके करीबी माने जाने वाले तीन आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि यादव ने अपनी पूछताछ में प्रमुख सचिव स्तर के तीन आईएएस अधिकारियों को उनके आपराधिक कार्यों और भ्रष्टाचार में सम्मिलित होने की बात स्वीकारी है।
इनमें एक नाम बसपा शासन काल में बेहद ताकतवर रहे आजमगढ़ के एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी का भी है।
डॉ. ठाकुर ने कहा है कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ निरंतर भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, ऐसे में जब यादव ने पूछताछ में अपने गलत कार्यों में सहयोगी आईएएस अधिकारियों के नाम बताए हैं तो उनके संबंध में भी सख्ती के साथ जांच की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि यादव ने अपनी पूछताछ में प्रमुख सचिव स्तर के तीन आईएएस अधिकारियों को उनके आपराधिक कार्यों और भ्रष्टाचार में सम्मिलित होने की बात स्वीकारी है।
इनमें एक नाम बसपा शासन काल में बेहद ताकतवर रहे आजमगढ़ के एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी का भी है।
डॉ. ठाकुर ने कहा है कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ निरंतर भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, ऐसे में जब यादव ने पूछताछ में अपने गलत कार्यों में सहयोगी आईएएस अधिकारियों के नाम बताए हैं तो उनके संबंध में भी सख्ती के साथ जांच की जानी चाहिए।